दलितों के साथ भोजन तो नहीं किया लेकिन, न्यौता दे गई भाजपा नेता उमा भारती

दलितों के साथ भोजन तो नहीं किया लेकिन, न्यौता दे गई भाजपा नेता उमा भारती

दलितों के साथ भोजन तो नहीं किया लेकिन, न्यौता दे गई भाजपा नेता उमा भारती
Modified Date: November 29, 2022 / 08:49 pm IST
Published Date: May 1, 2018 12:31 pm IST

छतरपुर। एक ओर जहां भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह दलितों के घर जाकर भोजन कर रहे है तो वही दूसरी तरफ उनकी ही सरकार में केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने दलितों के साथ सामाजिक समरसता भोज में भोजन करने के इंकार कर दिया है। छतरपुर के नौगांव के ददरी गांव मे पहुंची उमा भारती ने अलग परिभाषा देते हुए दलितों के साथ भाजपा के नेता के आयोजन में एक नई कहानी गढ़ दी और दलितों के साथ बैठकर भोजन करने से इंकार कर दिया।

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उन्होंने मंच से घोषणा करते हुये कहां, कि वह इस समरसता भोज मे भोजन नहीं करेगी, वह दलित के घर खाना खाने के जगह अपने घर पर दलितों को बुलाकर उन्हे भोजन करायेगीं, और उनके परिवार के लोग दलितों के झूठे बर्तन उठायेगे, उमा भारती का यह बयान उन भाजपा नेताओं पर कटाक्ष है जो दलितो के घर जाकर भोजन कर दलित प्रेम दिखाने में लगे हैं, वहीं इस कार्यक्रम के आयोजक दुहाई देते फिर रहे थे कि उमा भारती सब के साथ बैठ कर समरसता भोजन करेगी,

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वहीं उमा भारती के दलित के साथ भोजन न करने पर दलितों को कुछ समझ ही नहीं आया है, उनका कहना है कि वह तो उमा भारती के साथ भोजन करने आये थे, लेकिन उमा भारती भोजन करने की जगह पर बहाना बनाकर निकल गई, उमा यहां संत रविदास के मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने पहुंची थी और यहां सामाजिक समरसता भोज का आयोजन किया गया था।

 

वेब डेस्क, IBC24


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