टीचर्स ट्रेनिंग के नाम पर फूंक दिए लाखों रुपए..

टीचर्स ट्रेनिंग के नाम पर फूंक दिए लाखों रुपए..

टीचर्स ट्रेनिंग के नाम पर फूंक दिए लाखों रुपए..
Modified Date: November 29, 2022 / 08:34 pm IST
Published Date: August 23, 2017 4:51 am IST

रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग में टीचर्स की ट्रेनिंग से शिक्षा में कितना सुधार होता है. इसकी पोल तो खराब रिजल्ट से ही खुल जाती है. लेकिन इस ट्रेनिंग के नाम पर हर साल करोड़ों रुपए जरूर फूंक दिए जाते हैं. सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी से एक ऐसी ही ट्रेनिंग में की गई फिजूलखर्ची का खुलासा हुआ है. दो महीने पहले SCERT की एक ऐसी ही ट्रेनिंग में 48 लाख रूपये फूंक दिए गए. जिसमें से 46 लाख रुपए तो केवल होटल और एक कैटरर की जेब में गए हैं.

रायपुर के छेड़ीखेड़ी स्थित व्हिसलिंगवुड नाम के इसी बेहद महंगे सभागार में SCERT यानी राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने इस साल मई एवं जून महीने में 30 दिनों तक शिक्षकों की ट्रेनिंग कराई थी. सूचना के अधिकार के तहत इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में जो जानकारी सामने आई है, वो बेहद चौंकाने वाली है. दस्तावेज बताते हैं कि 30 दिनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 47 लाख 77 हजार रुपये फूंके गए. जिनमें अकेले व्हिसलिंगवुड फर्म को एसी हॉल और कमरे के 28.72 लाख दिए गए. ट्रेनिंग में शामिल लोगों के खाने पीने पर 17 लाख 80 हजार रूपये खर्च किए गए, जो एक्सपर्ट कैटरर की जेब में गए. यानि ट्रेनिंग बजट का 97 फीसदी पैसा केवल होटल और कैटरर कंपनी के हवाले कर दिया गया. ट्रेनर, स्टेशनरी, और ट्रेनिंग टूल्स पर ट्रेनिंग बजट का एक फीसदी भी खर्च नहीं किया गया. वो भी तब जब सरकार महंगे होटल में ट्रेनिंग कार्यक्रम कराने पर रोक लगा चुकी है. ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल हुए शिक्षक ही ऐसे अनाप शनाप खर्च के औचित्य पर सवाल खड़ा कर रहे हैं. स्कूली शिक्षा में बेहतरीन काम के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक मानते हैं कि इतने खर्च में हजारों स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापित किया जा सकता था.


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