Durg Guest Teacher Protest: ‘जल्दी खाली कर दो धरना स्थल वरना’.. प्रदर्शनकारी अतिथि शिक्षकों को प्रशासन का अल्टीमेटम, जानिए कौन सी मांग कर रहे थे प्रदर्शन

'जल्दी खाली कर दो धरना स्थल वरना'.. प्रदर्शनकारी अतिथि शिक्षकों को प्रशासन का अल्टीमेटम, Durg Guest Teacher Protest Latest Update

Durg Guest Teacher Protest: ‘जल्दी खाली कर दो धरना स्थल वरना’.. प्रदर्शनकारी अतिथि शिक्षकों को प्रशासन का अल्टीमेटम, जानिए कौन सी मांग कर रहे थे प्रदर्शन
Modified Date: July 22, 2026 / 06:51 pm IST
Published Date: July 22, 2026 6:50 pm IST

दुर्गः Durg Guest Teacher Protest: अपनी कई लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे विद्यामितानों और अतिथि शिक्षकों को अब प्रशासन ने हड़ताल खत्म करने का अल्टीमेटम दे दिया है। प्रशासन ने उनसे कहा है कि शाम 6 बजे तक टेंट सहित अन्य सामान प्रदर्शन स्थल से हटा ले, नहीं तो सन बल का प्रयोग कर सकता है।

दरअसल, प्रदेश भर के अतिथि शिक्षक और विद्या मितान 1 जुलाई से दुर्ग के पटेल चौक स्थित डीईओ कार्यालय के पास अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन प्रदर्शन कर रहे हैं। अतिथि शिक्षकों की नियमितीकरण, संविलियन, समान अधिकार और समान वेतन की मांग है। सोमवार को अतिथि शिक्षकों ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के दुर्ग स्थित मंत्री बंगले का घेराव करने का प्रयास किया था। रायपुर में शिक्षा मंत्री से बातचीत भी की, लेकिन उस मुलाकात में कोई निर्णय नहीं निकल पाया। इस बीच अब प्रशासन ने शाम 6 बजे तक धरना खत्म कर जगह को खाली करने का आदेश दिया है। तय समय तक धरना खत्म नहीं होने पर बल प्रयोग की चेतावनी भी दी गई है।

आर-पार की लड़ाई की मूड में अतिथि शिक्षक (Durg Guest Teacher Protest)

अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से सरकारी स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें न नियमितीकरण मिला, न सेवा सुरक्षा, न समान वेतन और न ही संविलियन का लाभ। अपनी मांगों को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के नाम खून से पत्र भी लिखा, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ। संघ ने बताया कि 1 जुलाई से जारी हड़ताल के कारण प्रदेश के कई शासकीय विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है, विशेषकर उन स्कूलों में जहां विषय विशेषज्ञ अतिथि शिक्षक ही अध्यापन कर रहे थे। अतिथि शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि जब तक नियमितीकरण, समान काम-समान वेतन और सेवा सुरक्षा की मांग पूरी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन और हड़ताल जारी रहेगी।

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