इस आदिवासी परिवार के पास आधार है लेकिन मतदाता सूची में नाम नहीं,सरपंच पर दबंगई का आरोप

Ads

इस आदिवासी परिवार के पास आधार है लेकिन मतदाता सूची में नाम नहीं,सरपंच पर दबंगई का आरोप

  •  
  • Publish Date - September 11, 2018 / 12:05 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:57 PM IST

कांकेर। मतदान को लेकर जहाँ शासन एक ओर जागरूकता अभियान चला रही है तो कांकेर के तलकुर्रा मैं एक आदिवासी परिवार का मतदाता सूची मैं नाम भी नहीं जुड़ पाया है। इतना ही नहीं यहाँ के  सरपंच की  दबंगई के चलते परिवार को गांव से बेदखली का भी फरमान जारी कर दिया गया है।शायद आपको भी ये बात सुनकर अचंभित करेगी कि कोई व्यक्ति अपनी आधी उम्र जीने के बाद यह कह रहा हो कि मैं भारत में आज तक मतदान नही किया हूँ ।

ये भी पढ़ें –शासकीय अंग्रेजी शराब दुकान से डेढ लाख की शराब गायब

आज के समय मैं ऐसा सुनना शासन की मतदाता को जागरूक करने की सारी योजनाओं पर सवाल खड़ा करती है ।ऐसा नहीं है कि ये परिवार मतदान के विषय में नहीं जानता ।पर सरपंच और प्रशासनिक अमले के दबाव के चलते इस आदिवासी सपेरा परिवार का नाम ही मतदाता सूची में  नही जुड़ पाया है।दरसअल कांकेर तलकुर्रा मैं बड़े झाड़ के जंगल मे कब्जा कर रह रहे गरीब सपेरा परिवार को अवैध कब्जा के नाम पर सरपंच विनोद रावटे ने हटवा दिया।जैसे तैसे इस परिवार ने बरसात मैं एक भवन में सहारा लिया तो उसे भी 2 दिन मैं खाली करने की धमकी दे डाली ।

ये भी पढ़ें –बदलापुर के बाद श्रीराम राघवन ला रहे एक और मर्डर मिस्ट्री

डर के कांकेर कलेक्टोरेट आए परिवार के 17सदस्यों ने तहसीलदार से इस पूरे मामले की शिकायत की।छोटे छोटे बच्चों और महिलाओं के साथ पहुचे ग्रमीणों ने बताया कि 6 साल से उस गांव मे रह रहे है बच्चे गांव के ही स्कूल मे पढ़ सके इसलिए 6 साल से वही बस गए है।इन ग्रमीणों का आधार कार्ड के अलावा ना तो मतदाता सूची मैं नाम जुड़ने दिया ना ही सरपंच ने राशन कार्ड बनने दिया।खौफजदा ग्रामीण ने शासन से ही मदद की गुहार लगाई है।

वेब डेस्क IBC24