(Stock Market Today/ Image Credit: IBC24 News)
नई दिल्ली: Stock Market 23 January 2026 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड टैरिफ को लेकर बने भू-राजनीतिक तनाव में नरमी के संकेत मिलने के बाद वैश्विक शेयर बाजारों में मजबूती देखने को मिल रही है। इसी का प्रभाव भारतीय शेयर बाजार पर भी दिख सकता है और आज शुक्रवार कौ सेंसेक्स व निफ्टी बढ़त के साथ खुलने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही निवेशकों का भरोसा अब धीरे-धीरे लौटता नजर आ रहा है।
तनाव कम होने के संकेतों के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 397 अंक यानी 0.49 प्रतिशत की बढ़त के साथ 82,307 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी-50 में 132 अंकों की तेजी आई और यह 25,289 पर बंद हुआ। बैंकिंग, आईटी और मेटल शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
शुक्रवार को बाजार के लिए संकेत पूरी तरह सकारात्मक नहीं हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 2,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की है, जिससे निवेशकों में थोड़ी सतर्कता बनी हुई है। हालांकि गिफ्ट निफ्टी सपाट कारोबार कर रहा है, जो बाजार में सीमित लेकिन सकारात्मक शुरुआत की ओर इशारा करता है।
एशियाई बाजारों में शुक्रवार को मजबूती रही। जापान का निक्केई 225 करीब 0.25 प्रतिशत और टॉपिक्स 0.27 प्रतिशत चढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.11 प्रतिशत और कोस्डैक 0.74 प्रतिशत ऊपर रहा। वहीं हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स भी ग्रीन ओपनिंग के संकेत दे रहा है।
गिफ्ट निफ्टी 25,380 के आसपास कारोबार करता दिखा, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद भाव से करीब 30 अंकों का प्रीमियम दर्शाता है। इससे संकेत मिलता है कि भारतीय बाजार शुक्रवार को सकारात्मक रुख के साथ खुल सकते हैं, हालांकि उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
अमेरिकी शेयर बाजारों में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन तेजी देखने को मिली। डॉव जोन्स 306 अंक चढ़कर 49,384 पर बंद हुआ। S&P 500 में 0.55 प्रतिशत और नैस्डैक में 0.91 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। यूरोपीय देशों पर टैरिफ की धमकी वापस लेने से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।
अमेरिकी जीडीपी तीसरी तिमाही में 4.4 प्रतिशत की दर से बढ़ी, जो अनुमान से बेहतर रही। वहीं महंगाई के मोर्चे पर PCE डेटा स्थिर रहा। सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई, जबकि डॉलर में कमजोरी देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतें एक हफ्ते के निचले स्तर पर आ गई हैं, जो भारत जैसे आयातक देशों के लिए राहत की बात है।
नोट:- शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। शेयरों, म्यूचुअल फंड्स और अन्य वित्तीय साधनों की कीमतें बाजार की स्थितियों, आर्थिक परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर घट-बढ़ सकती हैं। इसमें पूंजी हानि की संभावना भी शामिल है। इस जानकारी का उद्देश्य केवल सामान्य जागरूकता बढ़ाना है और इसे निवेश या वित्तीय सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।