(Smartphone Price Hike/ Image Credit: Pexels)
Smartphone Price Hike 2026: आजकल नया स्मार्टफोन खरीदना लोगों को पहले की तुलना में महंगा पड़ सकता है। इसकी सबसे बड़ा कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी तकनीक है। AI का तेजी से बढ़ता इस्तेमाल कंपनियों की लागत बढ़ा रहा है, खास तौर पर चिप और मेमोरी जैसी जरूरी कंपोनेंट्स की कीमतों में उछाल के कारण। इस वजह से कई बड़ी टेक कंपनियां अपने नए डिवाइस पुराने मॉडल से थोड़े महंगे दामों पर लॉन्च कर रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में मेमोरी चिप्स की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। कुछ मामलों में यह 200-300% तक बढ़ चुकी है। स्मार्टफोन कंपनियां खासकर मिड-रेंज और बजट सेगमेंट में काम करती हैं, जहां मुनाफा कम होता है। ऐसे में कंपोनेंट्स महंगे होने पर उनके पास कीमत बढ़ाने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं बचता।
AI तकनीक के लिए अत्यधिक शक्तिशाली सर्वर और बड़ी मात्रा में मेमोरी की जरूरत होती है। दुनिया की कई बड़ी AI कंपनियां अपने डेटा सेंटर के लिए बड़ी मात्रा में मेमोरी चिप्स खरीद रही हैं। यही RAM स्मार्टफोन, लैपटॉप, टैबलेट और कार के डिजिटल सिस्टम में भी इस्तेमाल किए जाते हैं। AI सर्वरों के लिए हाई-स्पीड मेमोरी की मांग बढ़ने से सामान्य उपकरणों की सप्लाई प्रभावित हो रही है।
दुनिया में RAM बनाने वाली कंपनियां बहुत कम हैं। मुख्य रूप से सैमसंग, एसके हाइनिक्स और माइक्रोन इस बाजार पर कब्जा किए हुए हैं। जब AI कंपनियां बड़ी मात्रा में मेमोरी खरीदने लगती हैं, तो अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के लिए सप्लाई कम पड़ जाती है और कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं।
RAM की कमी का असर लगभग सभी फोन ब्रांड्स पर पड़ रहा है। प्रीमियम सेगमेंट वाली कंपनियों के पास मजबूत सप्लाई और अधिक मुनाफा होता है, लेकिन छोटे ब्रांड और बजट फोन बनाने वाली कंपनियों के लिए यह स्थिति मुश्किल हो जाती है। कई कंपनियां मिड-रेंज फोन के दाम बढ़ा रही है या फीचर्स में कटौती कर कीमत नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि RAM की कमी जल्दी खत्म नहीं होगी। नई चिप फैक्ट्री तैयार होने में 2-3 साल लग सकते हैं। इसलिए आने वाले समय में स्मार्टफोन और लैपटॉप महंगे हो सकते हैं। जैसे-जैसे AI तकनीक और तेज होगी, हार्डवेयर पर दबाव भी बढ़ता जाएगा और कीमतें बढ़ती जाएंगी।