(eSIM vs Physical SIM/ Image Credit: AI-generated)
eSIM vs Physical SIM: आजकल कई नए स्मार्टफोन, खासतौर पर प्रीमियम और फ्लैगशिप मॉडल में eSIM का सपोर्ट मिलता है। ऐसे फोन को फिजिकल सिम के साथ eSIM इस्तेमाल (eSIM vs Physical SIM) करने का विकल्प भी दिया जाता है। इसी वजह से लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या eSIM लगाने से इंटरनेट की स्पीड बढ़ जाती है? इसका सीधा जवाब है, नहीं। eSIM अपने आप इंटरनेट को तेज नहीं करती। मोबाइल की स्पीड कई दूसरी चीजों पर निर्भर करती है।
फिजिकल SIM एक छोटा कार्ड होता है जिसे फोन के SIM स्लॉट में लगाया जाता है। इसके विपरीत eSIM फोन (eSIM vs Physical SIM) के अंदर लगी एक डिजिटल SIM होती है जिसे टेलीकॉम ऑपरेटर की मदद से एक्टिवेट किया जाता है। दोनों का मुख्य काम एक ही है यूजर की पहचान करना और फोन को मोबाइल नेटवर्क से जोड़ना। फर्क सिर्फ इतना है कि फिजिकल SIM को आसानी से निकाला और बदला जा सकता है, जबकि eSIM फोन के अंदर ही रहती है।
सिर्फ फिजिकल SIM को eSIM में बदलने से 4G या 5G इंटरनेट की स्पीड में कोई बड़ा बदलाव नहीं होता। अगर एक ही फोन और एक ही नेटवर्क पर दोनों SIM का इस्तेमाल किया जाए तो सिर्फ SIM का प्रकार बदलने से स्पीड बढ़ने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। इंटरनेट की रफ्तार मुख्य रूप से नेटवर्क कवरेज, टावर से दूरी, नेटवर्क पर लोड, टेलीकॉम कंपनी और फोन के मॉडेम पर निर्भर करती है।
eSIM का सबसे बड़ा फायदा स्पीड नहीं, बल्कि सुविधा है। इसमें प्लास्टिक SIM कार्ड की जरूरत नहीं पड़ती और कई मामलों में नया कनेक्शन या नेटवर्क बदलने की प्रक्रिया डिजिटल तरीके से पूरी की जा सकती है। यात्रा करने वाले यूजर्स के लिए भी eSIM उपयोगी हो सकती है क्योंकि अलग-अलग नेटवर्क को आसानी से एक्टिवेट किया जा सकता है। हालांकि इसके फीचर्स फोन और ऑपरेटर पर निर्भर करते हैं।
eSIM और फिजिकल SIM दोनों से 4G और 5G नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर फोन और टेलीकॉम ऑपरेटर संबंधित नेटवर्क (eSIM vs Physical SIM) को सपोर्ट करते हों। इसलिए केवल eSIM में बदलने से 5G स्पीड तेज नहीं होगी। अगर 5G धीमा चल रहा है तो इसकी वजह कमजोर कवरेज, नेटवर्क पर ज्यादा यूजर्स या फोन की नेटवर्क क्षमता हो सकती है। ऐसे में SIM बदलना स्पीड बढ़ाने का सीधा समाधान नहीं है।