MP SIR News: SIR में कटा 42 लाख वोटरों का नाम तो टेंशन में आई BJP! 21 जनवरी के बाद खड़ी हो सकती हैं ये मुश्किलें, अब घर-घर पहुंच रहे कार्यकर्ता

MP SIR News: मध्यप्रदेश से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत प्रदेशभर में 42 लाख मतदाताओं के नाम कटने की जानकारी सामने आते ही सियासत गरमा गई है।

MP SIR News: SIR में कटा 42 लाख वोटरों का नाम तो टेंशन में आई BJP! 21 जनवरी के बाद खड़ी हो सकती हैं ये मुश्किलें, अब घर-घर पहुंच रहे कार्यकर्ता

MP SIR VOTER LIST/ image source: IBC24

Modified Date: January 14, 2026 / 05:38 pm IST
Published Date: January 14, 2026 5:23 pm IST
HIGHLIGHTS
  • SIR में 42 लाख नाम कटे
  • भोपाल में 80 हजार मतदाता बाहर
  • भाजपा में बढ़ी राजनीतिक टेंशन

भोपाल: मध्यप्रदेश से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत प्रदेशभर में 42 लाख मतदाताओं के नाम कटने की जानकारी सामने आते ही सियासत गरमा गई है। खासतौर पर सत्ताधारी दल भाजपा में इसे लेकर भारी बेचैनी देखी जा रही है। MP SIR News के मामले में हालात यह हैं कि अब पार्टी संगठन स्तर पर बूथ-बूथ जाकर मतदाताओं से नाम जुड़वाने के फॉर्म भरवाने में जुट गया है।

Bhopal SIR Voter List: भोपाल में 80 हजार मतदाता बाहर

MP SIR News के मामले में भोपाल की एक विधानसभा सीट में हालात और भी गंभीर बताए जा रहे हैं। SIR टोली के संयोजक और विधायक भगवानदास सबनानी अपनी ही विधानसभा में 80 हजार मतदाताओं के नाम कटने से खासे परेशान नजर आ रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि अगर किसी विधानसभा में कुल 2 लाख 34 हजार मतदाता हों और उनमें से 80 हजार के नाम अचानक कट जाएं, तो यह सामान्य प्रक्रिया कैसे हो सकती है?

MP SIR News: भाजपा में बढ़ी राजनीतिक टेंशन

जानकारी के मुताबिक MP SIR News के मामले में इन 80 हजार नामों में से 64,432 मतदाताओं को ‘एब्सेंट’, ‘मृत’ या ‘शिफ्टेड’ बताकर सूची से हटाया गया है, जबकि 16 हजार से ज्यादा मतदाताओं को ‘नो मैपिंग’ की श्रेणी में डाल दिया गया। इस आंकड़े ने न सिर्फ राजनीतिक दलों को, बल्कि आम नागरिकों को भी चौंका दिया है।

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Bhopal SIR News: 21 जनवरी बाद नाम जुड़वाने की मशक्कत

MP SIR News के मामले में राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 21 जनवरी के बाद इन मतदाताओं को अपना नाम दोबारा जुड़वाने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ेंगे, जिससे उनकी “चप्पलें घिसने” जैसी स्थिति बन सकती है। इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया सामने आ रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि जो लोग भारत के नागरिक हैं, उनके नाम मतदाता सूची में सम्मान के साथ जोड़े जाने चाहिए, न कि उन्हें बार-बार अपनी पहचान साबित करने के लिए मजबूर किया जाए।

MP SIR News के मामले में विधायक भगवानदास सबनानी ने भी इस स्थिति पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा है कि इतनी बड़ी संख्या में नाम कटना गंभीर चिंता का विषय है और इसकी पारदर्शी समीक्षा होनी चाहिए। भाजपा संगठन अब डैमेज कंट्रोल मोड में दिखाई दे रहा है, ताकि चुनाव से पहले इस मुद्दे का राजनीतिक नुकसान न झेलना पड़े।

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सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

पत्रकारिता और क्रिएटिव राइटिंग में स्नातक हूँ। मीडिया क्षेत्र में 3 वर्षों का विविध अनुभव प्राप्त है, जहां मैंने अलग-अलग मीडिया हाउस में एंकरिंग, वॉइस ओवर और कंटेन्ट राइटिंग जैसे कार्यों में उत्कृष्ट योगदान दिया। IBC24 में मैं अभी Trainee-Digital Marketing के रूप में कार्यरत हूँ।