पहाड़ियों से घिरा छत्तीसगढ़ का भूतेश्वरनाथ शिवलिंग

पहाड़ियों से घिरा छत्तीसगढ़ का भूतेश्वरनाथ शिवलिंग

पहाड़ियों से घिरा छत्तीसगढ़ का भूतेश्वरनाथ शिवलिंग
Modified Date: November 29, 2022 / 08:42 am IST
Published Date: October 17, 2018 12:49 pm IST

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद से 3 किलो मीटर दूर घने जंगलों के बीच बसा है ग्राम मरौदा। सुरम्य वनों एवं पहाड़ियों से घिरे अंचल में प्रकृति प्रदत्त विश्व का सबसे विशाल शिवलिंग के लिए प्रसिद्ध हैं । इसके बारे में यह कहा जाता है कि यह एक ऐसा शिवलिंग  है जिसका आकार घटता नहीं बल्कि हर साल और बढ़ जाता है। यह शिवलिंग प्राकृतिक रूप से निर्मित है। हर साल महाशिवरात्रि और सावन सोमवार को लंबी पैदल यात्रा करके कांवरिए यहां पहुंचते हैं। 

 

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित इस शिवलिंग को यहां भूतेश्वरनाथ के नाम से पुकारा जाता है। जिसे भकुर्रा भी कहा जाता है द्वादश ज्योतिर्लिंगों की भांति छत्तीसगढ़ में इसे अर्धनारीश्वर शिवलिंग होने की मान्यता प्राप्त है।सबसे आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि इस शिवलिंग का आकार लगातार हर साल बढ़ रहा है।यहां आने वाले भक्तों में देश विदेश के लोगो की आवाजाही भी लगी रहती है। संभवतः इसीलिए यहां पर हर साल आने पैदल आने वाले भक्तों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बताया जाता है कि छत्तीसगढ़ी भाषा में हुकारने की आवाज को भकुर्रा कहते हैं, इसी से छत्तीसगढ़ी में इनका नाम भकुर्रा पड़ा है।यहां जाने के लिए आप रायपुर से बस द्वारा या फिर प्राइवेट गाड़ी से भी सुगमता पूर्वक यात्रा कर सकते हैं। 

वेब डेस्क IBC24

 


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