लखनऊ, आठ सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने भारत सरकार की ओर से वित्त वर्ष 2026-27 के लिए समग्र शिक्षा के तहत अनुमोदित 11,902.85 करोड़ रुपये के बजट का शत-प्रतिशत इस्तेमाल सुनिश्चित करने का मंगलवार को निर्देश दिया।
आधिकारिक बयान के मुताबिक, गोयल ने समग्र शिक्षा कार्यकारी समिति की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें बताया गया कि वित्त वर्ष 2025-26 में 9,425.21 करोड़ रुपये यानी कुल उपलब्ध राशि का 92.46 फीसदी इस्तेमाल हुआ, जबकि 2024-25 में यह आंकड़ा 69.60 प्रतिशत ही था।
बयान के अनुसार, बैठक में गोयल ने कहा कि सेवा प्रदाता के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों के मानदेय में 25 प्रतिशत की वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इन कार्मिकों के मानदेय में 2020 से कोई वृद्धि नहीं हुई थी।
मुख्य सचिव ने कहा कि विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब का प्रभावी उपयोग किया जाए, विज्ञान प्रयोगशालाओं में उपकरणों की उपलब्धता बनी रहे और अभिभावक डीबीटी से मिली धनराशि से ही वर्दी खरीदकर बच्चों को निर्धारित कपड़ों में स्कूल भेजें।
बैठक में बताया गया कि निपुण भारत मिशन के तहत बाल वाटिका से कक्षा-2 तक बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान पर जोर दिया जा रहा है और इसका विस्तार कक्षा-3 से 5 तक किया गया है।
बैठक में यह भी बताया गया कि मंत्रिमंडल से अनुमोदन मिलने के बाद विभाग ड्रीम लैब की स्थापना के लिए टाटा टेक्नोलॉजी, जापानी कंपनी यास्कावा और अन्य उद्योग समूहों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर चुका है।
इसमें कहा गया कि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के स्कूल सुरक्षा ऑडिट के लिए कार्यदायी संस्था का चयन भी किया जा चुका है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव (बेसिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा, अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित कुमार घोष, प्रमुख सचिव (अल्पसंख्यक कल्याण) संयुक्ता समद्दार, महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) मोनिका रानी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
भाषा
आनन्द पारुल
पारुल