मथुरा (उप्र), सात सितम्बर (भाषा) ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के बीच जिस निजी स्लीपर बस में चालक एवं परिचालक ने छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म किया था, वह इसी वर्ष अप्रैल में फिरोजाबाद में पंजीकृत हुई थी और तीन माह के छोटे से अंतराल में ही यातायात नियमों के उल्लंघन के लिए उसका एक दर्जन बार चालान हो चुका था। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि इन उल्लंघनों में से नौ मथुरा जिले में यमुना एक्सप्रेसवे पर दर्ज किए गए, जिनमें से ज्यादातर निर्धारित गति सीमा के उल्लंघन से संबंधित थे।
चार अगस्त की रात की इस घटना ने 2012 के ‘निर्भया’ मामले की दर्दनाक यादें ताज़ा कर दीं। पीड़िता नोएडा सेक्टर 63 जाने के लिए निजी स्लीपर बस (यूपी 83 ईटी 3789) में बैठी थी। वारदात के बाद, उसे दिल्ली के कश्मीरी गेट के पास छोड़ दिया गया।
इसके बाद पीड़िता ने कश्मीरी गेट थाने में मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बस को जब्त कर दोनों आरोपियों- कानपुर देहात निवासी चालक कुलदीप और घाटमपुर निवासी संदीप- को गिरफ्तार कर लिया था।
अब पूरे मामले की जांच की जा रही है।
अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत के अनुसार, बस के रिकॉर्ड की शुरुआती जांच से पता चला है कि इसमें बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया गया है।
इसी वर्ष 28 अप्रैल फिरोजाबाद में पंजीकृत हुई इस बस का अब तक एक दर्जन बार चालान हो चुका है, इनमें से नौ मामले मथुरा से जुड़े हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पहला चालान 11 मई को हमीरपुर के कुरारा में गलत जगह पार्किंग के लिए काटा गया था।
रावत ने बताया कि अगले दिन, मथुरा में निर्धारित गतिसीमा का उल्लंघन करने के लिए ‘इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ (आईटीएमएस) के जरिये 4,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
उन्होंने बताया कि 23 जून को यमुना एक्सप्रेसवे पर गैर-कानूनी तरीके से यात्रियों को बैठाने के आरोप में फिर से जुर्माना लगाया गया।
नियम तोड़ने का सिलसिला जारी रहा और जुलाई में लगातार छह दिनों तक एक्सप्रेसवे पर तेज रफ़्तार से बस चलाने के लिए जुर्माना लगाया गया। हर चालान पर 4,000 रुपये का जुर्माना था, जिससे छह दिनों की अवधि में कुल 24,000 रुपये का जुर्माना हुआ।
पुलिस ने बताया कि आठ जुलाई को सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ने बिना परमिट के गाड़ी चलाने, रिफ्लेक्टर (चमकदार संकेतक) टेप न होने और अन्य कमियों के लिए कुल 26,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
रावत ने बताया कि 11 और 12 जुलाई को मथुरा इलाके में यमुना एक्सप्रेसवे पर तेज रफ़्तार से गाड़ी चलाने के लिए बस पर फिर से जुर्माना लगाया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ़ तीन महीनों में, इस बस से 12 बार ट्रैफ़िक नियमों का उल्लंघन किया गया, जिससे (इस पर) कुल 63,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।’’
रावत ने कहा कि एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज और अन्य डेटा को सुरक्षित रखा गया है और जांच में मदद के लिए उन्हें उपलब्ध कराया जा सकता है।
भाषा सं जफर सुरेश
सुरेश