उत्तर प्रदेश में नौ वर्षों में 242 करोड़ पौधे लगाए गए : योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश में नौ वर्षों में 242 करोड़ पौधे लगाए गए : योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश में नौ वर्षों में 242 करोड़ पौधे लगाए गए : योगी आदित्यनाथ
Modified Date: June 5, 2026 / 11:51 am IST
Published Date: June 5, 2026 11:51 am IST

लखनऊ, पांच जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि पिछले नौ वर्षों के दौरान राज्य में वन महोत्सव के अवसर पर पौधारोपण के क्रम में अब तक 242 करोड़ पौधे लगाने के एक बड़े कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया जा चुका है।

विश्‍व पर्यावरण दिवस-2026 के मौके पर यहां आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले ही वर्ष (योगी के नेतृत्व में भाजपा सरकार के गठन के शुरुआती वर्ष) 2017 में डबल इंजन की सरकार ने पांच करोड़ पौधरोपण का कार्य अपने हाथों में लिया था।

उन्‍होंने कहा ”मुझे प्रसन्नता है कि उस समय तमाम चुनौतियां थी, न नर्सरी थी, न बड़े कार्यक्रम को आगे बढ़ाने का कोई अनुभव था, लेकिन बाद में वन विभाग और प्रदेश सरकार के अन्य विभागों ने मिलकर एक बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में कार्य किया।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि गत नौ वर्षों में प्रदेश के अंदर वन महोत्सव के अवसर पर पौधारोपण के क्रम में अब तक 242 करोड़ पौधरोपण के एक बड़े कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया जा चुका है।

योगी ने कहा ”प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने प्रकृति और मातृभूमि के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए ”एक पेड़ मां के नाम” कार्यक्रम की शुरुआत तीन वर्ष पहले की थी। उसी अभियान की कड़ी में आज फिर उप्र में यह आयोजन हो रहा है।”

मुख्यमंत्री ने कहा ”जननी और जन्मभूमि के प्रति कृतज्ञता हर नागरिक का दायित्व है। पर्यावरण की रक्षा मातृभूमि के प्रति हमारे सर्वोच्‍च दायित्‍वों में से एक है।”

उन्‍होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा करने के लिए एक ओर वृहद पैमाने पर पौधरोपण करना और दूसरी ओर पर्यावरण संबंधी चुनौतियों के समाधान के लिए कई कदम उठाए गए हैं।

एकल उपयोग प्लास्टिक पर रोक लगाने पर जोर देते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा ”एकल उपयोग प्लास्टिक को हतोत्साहित करने और उसके स्थान पर वैकल्पिक रूप में मिट्टी के बर्तन के लिए प्रोत्साहित करने के लिए राज्‍य सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं।”

विस्तार से बताते हुए योगी ने कहा कि इसके लिए माटी कला बोर्ड की स्‍थापना करना, अप्रैल से जून तक हर गांव के तालाब को प्रजापति और कुम्‍हार समाज के लोगों को निशुल्‍क मिट़्टी उपलब्‍ध कराना, सोलर चाक देना जैसे काम प्रदेश में सफलतापूर्वक किए गए हैं।

भाषा आनन्‍द

मनीषा

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