सहारनपुर (उप्र), छह सितंबर (भाषा) सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद रही एक मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद मलबे के नीचे लगभग 20 फुट गहरा और करीब 1.5 मीटर चौड़ा कुआं मिला है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
मौके से मलबा हटाये जाते वक्त यह कुआं पाये जाने के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को इसकी सूचना दी गयी है। इससे एक दिन पहले शनिवार को बुलडोजरों की मदद से मस्जिद को ढहा दिया गया था, यह कार्रवाई करीब 16 घंटे तक चली थी।
अधिकारियों ने बताया कि रविवार सुबह मलबा हटाते समय एक स्लैब दिखाई दिया, जिसे कटर से काटने के बाद उसके नीचे कुआं मिला।
उन्होंने बताया कि कुआं मिलने के तुरंत बाद सहारनपुर के उप जिलाधिकारी सुबोध कुमार मौके पर पहुंचे और कुएं की प्राचीनता और इतिहास का पता लगाने के लिए एएसआई को सूचित किया।
अधिकारियों ने बताया कि कुआं लगभग एक सदी पुराना लग रहा है, हालांकि यह कितना प्राचीन है, इसका पता तो जांच के बाद ही लगेगा।
पुराने समय में जब पाइप से पानी की आपूर्ति नहीं होती थी तब कुएं ही लोगों के लिए पानी का महत्वपूर्ण स्रोत थे। पारंपरिक रूप से नमाज पढ़ने से पहले वज़ू करने और नहाने के लिए भी कुओं के पानी का इस्तेमाल किया जाता था और कई पुरानी मस्जिदों के आसपास आज भी कुएं मौजूद हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल कुएं को लोहे की चादर से ढक दिया गया है ताकि उसमें मिट्टी और मलबा न गिरे।
अधिकारियों ने बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस बल तैनात है और लोगों को वहां जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है।
वर्ष 2025 में बजरंग दल के क्षेत्रीय संयोजक विकास त्यागी ने सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में एक याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद अवैध है।
इसके बाद सहारनपुर के सिटी मजिस्ट्रेट ने ढांचे को अवैध घोषित किया और इसे गिराने का आदेश जारी किया। मस्जिद प्रबंधन समिति ने आदेश के खिलाफ जिला अदालत में अपील की थी, जिसने उसे दो सितंबर को खारिज कर दिया था।
भाषा सं. सलीम नेत्रपाल शोभना
शोभना