मथुरा में ‘कॉकरोच’ का रूप धारण कर नगर निगम पहुंचा युवक, यमुना प्रदूषण पर जताया आक्रोश
मथुरा में ‘कॉकरोच’ का रूप धारण कर नगर निगम पहुंचा युवक, यमुना प्रदूषण पर जताया आक्रोश
मथुरा (उप्र), 22 मई (भाषा) यमुना नदी के प्रदूषण और मथुरा में फैली गंदगी से आक्रोशित एक सामाजिक कार्यकर्ता शुक्रवार को अनोखे अंदाज में विरोध जताने नगर निगम कार्यालय पहुंचा। युवक ‘कॉकरोच’ का रूप धारण कर नाचते-गाते निगम परिसर में पहुंचा तो अधिकारी, कर्मचारी और आम लोग हैरान रह गए।
कॉकरोच का वेश धरे दीपक शर्मा ने कहा, ‘‘यमुना प्रदूषण और शहर की गंदगी से मुंह मोड़े बैठे नाकारा अधिकारियों की आंखें खोलने के लिए मुझे यह रूप धारण करना पड़ा। जब हम जैसे युवा तथ्य लेकर न्यायालय जाते हैं, तब ऊंचे पदों पर बैठे जिम्मेदार लोग हमें ‘कॉकरोच’ कहकर मुद्दे को नजरअंदाज करते हैं।’’
शर्मा का यह कृत्य ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) नामक एक व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया अकाउंट द्वारा शुक्रवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चलाए गए अभियान के ठीक बाद सामने आया है।
यह व्यंग्यात्मक मंच पिछले सप्ताह भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत द्वारा एक मुकदमे की सुनवाई के दौरान ‘‘कॉकरोच’’ और ‘‘परजीवों’’ के बारे में की गई टिप्पणियों को लेकर हुए विवाद के बाद अस्तित्व में आया। सीजेआई ने बाद में स्पष्ट किया कि ‘‘फर्जी डिग्रियों’’ के माध्यम से विधि पेशे में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों पर लक्षित उनकी टिप्पणियों को गलत तरीके से उद्धृत किया गया था।
नगर निगम कार्यालय में शर्मा को देखने के लिए कुछ ही देर में भीड़ जुट गई। कई लोगों ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया।
शर्मा ने आगाह किया कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो यमुना के हालात और गंभीर हो जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हम ब्रजवासी यमुना का आचमन करते हैं। लेकिन वर्षों से यमुना को प्रदूषण मुक्त करने का वादा करके भी कुछ नहीं किया गया। मथुरा-वृंदावन में गंदे नालों का पानी खुलेआम नदी में गिर रहा है। अधिकारी मुंह फेरे बैठे हैं। उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।’’
उन्होंने जनता से अपील की कि नियम तोड़ने वाले अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएं। संविधान का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
दीपक शर्मा ने अधिकारियों का ध्यान खींचने के लिए उनकी कार के सामने भी प्रदर्शन किया, लेकिन किसी अधिकारी ने प्रतिक्रिया नहीं दी। बाद में वह ज्ञापन सौंपकर लौट गए।
देर शाम तक नगर निगम के उच्च अधिकारियों की ओर से इस प्रदर्शन पर मीडिया को कोई स्पष्टीकरण या प्रतिक्रिया नहीं मिली।
भाषा सं आनन्द गोला
गोला

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