राम मंदिर संबंधित मामले की जांच कर रही एसआईटी के सामने पेश हुए आप नेता संजय सिंह

राम मंदिर संबंधित मामले की जांच कर रही एसआईटी के सामने पेश हुए आप नेता संजय सिंह

राम मंदिर संबंधित मामले की जांच कर रही एसआईटी के सामने पेश हुए आप नेता संजय सिंह
Modified Date: June 25, 2026 / 04:25 pm IST
Published Date: June 25, 2026 4:25 pm IST

लखनऊ, 25 जून (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह बृहस्पतिवार को राम मंदिर दान में कथित अनियमितता से संबंधित मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) के सामने पेश हुए और दस्तावेज सौंपे।

सिंह ने दावा किया कि उनके द्वारा सौंपे गए दस्तावेजों में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के सबूत हैं।

एसआईटी का नेतृत्व लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे हैं। सिंह पूर्वाह्न करीब 11 बजे कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और जांच टीम को दस्तावेज सौंपे।

सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि उनके पास कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और सबूत हैं और उन्होंने उन्हें एसआईटी को सौंप दिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘13 जमीनों के दस्तावेज मैंने एसआईटी प्रमुख को दिये हैं। अब वह क्या जांच करेंगे, वह सामने आयेगा। उसमें बहुत बड़े और गंभीर घोटाले हुए हैं। दो करोड़ रुपये की जमीन साढ़े अट्ठारह करोड़ रुपये में खरीदी गयी। तीन करोड़ रुपये की नजूल की जमीन 24 करोड़ रुपये में खरीदी गयी। नौ करोड़ रुपये की जमीन 55 करोड़ 47 लाख रुपये में खरीदी गयी। ऐसे तमाम मामले हैं, जिससे मालूम होता है कि जमीनों के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ।”

उन्होंने कहा कि दस्तावेज़ मामले के विभिन्न पहलुओं को उजागर करने में मदद कर सकते हैं और इस बात पर जोर दिया कि किसी भी संवेदनशील मुद्दे की निष्पक्ष जांच तभी संभव है जब विभिन्न पक्षों के पास उपलब्ध सभी प्रासंगिक तथ्य और सबूत जांच एजेंसी के सामने रखे जाएं।

सिंह ने कहा, ‘एसआईटी के सामने पेश होने का उद्देश्य अपना पक्ष रखना और मेरे पास मौजूद दस्तावेज जमा करना था।’

आप नेता सिंह ने दावा किया कि दस्तावेज गंभीर अनियमितताओं की ओर इशारा करते हैं और जांच एजेंसी द्वारा विस्तृत जांच की आवश्यकता है। सिंह के मुताबिक यदि दस्तावेजों की निष्पक्षता से जांच की जाए तो कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।

सिंह ने कहा कि उन्होंने पहले एसआईटी से अतिरिक्त दस्तावेज और सबूत पेश करने के लिए समय मांगा था और जांच टीम ने उन्हें आश्वासन दिया था कि उन्हें ऐसा करने का पूरा मौका दिया जाएगा।

सिंह ने दावा किया कि एसआईटी अध्यक्ष ने खुद उनसे संपर्क किया था और उन्हें जांच में सहयोग करने के लिए आमंत्रित किया था। सिंह ने कहा कि उन्होंने टीम के सामने सभी उपलब्ध तथ्य रखे हैं और जांच में पूरा सहयोग देना जारी रखेंगे।

लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी को विभिन्न व्यक्तियों और संगठनों द्वारा प्रस्तुत शिकायतों और दस्तावेजों की जांच करने का काम सौंपा गया था।

भाषा जफर अमित

अमित


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