अखिलेश ने भाजपा सरकार पर फायदे के लिए फर्जी मुठभेड़ कराने का आरोप लगाया
अखिलेश ने भाजपा सरकार पर फायदे के लिए फर्जी मुठभेड़ कराने का आरोप लगाया
(तस्वीरों के साथ)
लखनऊ, 26 मई (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने कथित फर्जी पुलिस मुठभेड़ की घटनाओं को लेकर उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर मंगलवार को गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए मुठभेड़ के जरिये समर्थकों को खुश कर रही है।
अखिलेश ने कहा कि राज्य सरकार लोगों को हिंसक और पुलिस अधिकारियों को “अपराधी” बना रही है और उसने अपने फायदे के लिए फर्जी मुठभेड़ की घटनाओं के जरिये सरकारी स्तर पर एक पूरा “आपराधिक तंत्र” खड़ा कर दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि फर्जी मुठभेड़ की घटनाएं देश की संस्कृति, संविधान और स्वस्थ सामाजिक सोच के लिए एक चुनौती बन गई हैं।
उन्होंने कहा, “फर्जी मुठभेड़ की घटनाओं से प्रदेश की छवि धूमल होती है और लोगों के अंदर डर पैदा होता है। ऐसी घटनाओं के जरिये भाजपा सरकार अपने भ्रष्टाचार पर पर्दा डालती है। सरकार को जब सत्ता से बाहर जाने का डर सताने लगता है, तो वह सांप्रदायिक हो जाती है और फर्जी मुठभेड़ का सहारा लेती है।”
अखिलेश ने फर्जी पुलिस मुठभेड़ की घटनाओं को भाजपा सरकार की नाइंसाफी, जुल्म और ज्यादती का सबसे घिनौना रूप बताया। उन्होंने आरोप लगाया, “उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार मुठभेड़ के बहाने पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) को डराकर उसका हक मारना चाहती है। भाजपा सरकार जाति और धर्म देखकर मुठभेड़ करवाती है, जिससे प्रदेश का सामाजिक सौहार्द बिगड़ता है। फर्जी मुठभेड़ नाकाम सरकार की पहचान है। फर्जी मुठभेड़ से भाजपा सरकार आम जनता पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना चाहती है।”
अखिलेश ने कहा कि फर्जी मुठभेड़ के जरिये “मेंटल सॉफ्टवेयर” को “सेट” किया जाता है, लेकिन “अपडेट या अपग्रेड” नहीं किया जाता, बल्कि “आउटडेटेड और डाउनग्रेडेड” बनाया जाता है तथा मन-मस्तिष्क में हिंसा भरी जाती है।
उन्होंने कहा कि मुठभेड़ के बहाने हत्या को जायज ठहराया जाता है और आदिम जमाने की उसी रूढ़िवादी मानसिकता को वापस लाया जाता है, जो कहती है कि शक्ति ही अधिकार है।
अखिलेश ने कहा, “इसी कारण फर्जी मुठभेड़ लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ एक बहुत बड़ा षड्यंत्र है, जो संविधान में दिए गए न्याय के शासन और सामाजिक न्याय के प्रावधान को भी सिरे से नकारता है।”
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार के फर्जी मुठभेड़ का एक बेहद निंदनीय पहलू यह भी है कि सरकार इससे अपने समर्थकों को खुश करती है, लेकिन साथ ही वह अपने समर्थकों को मानसिक रूप से हिंसक भी बनाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोगों में नफरत का जहर घोलकर अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए उनका मानसिक शोषण करती है।
अखिलेश ने कहा, “भाजपा अपनों को ही डसती है।”
उन्होंने कहा कि फर्जी मुठभेड़ से कानून-व्यवस्था संभलती नहीं, बल्कि और भी बिगड़ती है, क्योंकि इससे पुलिस में भ्रष्टाचार फैलता है।
अखिलेश ने कहा, “फर्जी मुठभेड़ से भाजपा सरकार ने सरकारी स्तर पर एक पूरा आपराधिक तंत्र खड़ा कर दिया है। फर्जी मुठभेड़ को सही साबित करने के लिए कुछ भ्रष्ट वकील मनगढ़ंत कहानी गढ़ते हैं और फिर वे अधिकारियों और सरकार को ही ब्लैकमेल करते हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया, “भाजपा के राज में ऐसे कई उदाहरण हैं, जब पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ का डर दिखाकर व्यापारियों से पैसे वसूले या उन्हें होटल के कमरों में मार दिया। यही नहीं, मुठभेड़ का डर दिखाकर कई अधिकारियों ने महिलाओं के साथ गलत काम किया।”
सपा प्रमुख ने कहा कि कासगंज के इसी तरह के एक मामले में कुछ पुलिस अधिकारियों को जेल भी भेजा गया।
फर्जी मुठभेड़ की घटनाओं को मानवाधिकारों का हनन करार देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मुठभेड़ में लोगों को मारने वाले पुलिसकर्मी आखिरकार खुद भी वैधानिक और सामाजिक रूप से मारे जाते हैं, क्योंकि फर्जी भुठभेड़ में संलिप्त पुलिसकर्मी जब फंसते हैं, तो भाजपा सरकार उनसे मुंह मोड़ लेती है।
उन्होंने कहा कि ऐसे पुलिसकर्मियों को जब सजा होती है, तो उनके परिवार वालों को समाज में अपमान झेलना पड़ता है।
अखिलेश ने कहा कि फर्जी मुठभेड़ की घटनाओं में शामिल पुलिसकर्मियों को यह जरूर सोचना चाहिए कि सरकार अपने फायदे के लिए किस तरह उनका इस्तेमाल कर रही है और उन्हें “अधिकारी से अपराधी” बना रही है।
सपा प्रमुख ने कहा कि फर्जी मुठभेड़ में लोगों की हत्या करने वाले कई पुलिसकर्मी मानसिक रोगी तक बन जाते हैं। उन्होंने कहा, “फर्जी मुठभेड़ में संलिप्त पुलिस वाले दूसरे को तो एक पल में मार देते हैं, लेकिन खुद सारी जिंदगी तिल-तिलकर मरते हैं।”
अखिलेश ने कहा कि इतिहास गवाह है कि जो सरकार फर्जी मुठभेड़ करवाती है, जनता मौका आने पर एक न एक दिन चुनावी तरीके से उसका “एनकाउंटर” कर देती है। उन्होंने कहा कि इतिहास फिर दोहराया जाएगा और फर्जी मुठभेड़ का सहारा लेने वाली इस भाजपा सरकार को हार का सामना करना पड़ेगा।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में सरकार का बुलडोजर जाति देखकर ही चलता है। उन्होंने दावा किया कि बुलडोजर सिर्फ पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज के लोगों की संपत्तियों पर ही चलाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अपने कार्यकाल के 12 साल पूरे करने से जुड़े एक सवाल पर सपा प्रमुख ने तंज भरे अंदाज में कहा, “डबल इंजन का धुआं निकल गया है। सरकार की यही सबसे बड़ी उपलब्धि है कि डॉलर के मुकाबले रुपये का दाम लगातार गिर रहा है। हमें और आपको डीजल, पेट्रोल और सीएनजी के दम हर दिन बढ़ाए जाने की खबर मिल रही है, यही सबसे बड़ी उपलब्धि है।”
उन्होंने कहा, “भाजपा आंकड़ों से खिलवाड़ कर रही है, अर्थव्यवस्था से खिलवाड़ कर रही है। जैसे उत्तर प्रदेश में फर्जी मुठभेड़ की घटनाएं हो रही हैं, उसी तरह अर्थव्यवस्था के सिलसिले में भी हमें और आपको फर्जी आंकड़े बताए जा रहे हैं।”
भाषा
सलीम पारुल
पारुल

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