64,000 एकड़ भूमि का जिलेवार विवरण जारी करें मुख्यमंत्री योगी: अखिलेश यादव
64,000 एकड़ भूमि का जिलेवार विवरण जारी करें मुख्यमंत्री योगी: अखिलेश यादव
लखनऊ, नौ जुलाई (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के बाद कब्जों से मुक्त करायी गयी ‘64,000 एकड़’ जमीन का जिलेवार ब्यौरा सार्वजनिक करने की चुनौती दी।
यादव ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “कृपया अपने बयान की विश्वसनीयता सिद्ध करने के लिए, आप (मुख्यमंत्री योगी) अपने द्वारा खाली कराई गई ‘तथाकथित 64,000 एकड़’ जमीन के क्षेत्रफल और भू-लेखा विवरण की जिलेवार सूची भी जारी करें।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर जारी विवाद के संदर्भ में भाजपा सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया।
यादव ने कहा, “अयोध्या के मंदिर में हुई चोरी के बाद आपने झूठ-मूठ की एसआईटी बनाकर और उससे मनमानी रिपोर्ट लिखवाकर जो लीपा-पोती की है, उससे आपके कथन और वचन पर समाज का विश्वास पूरी तरह उठ गया है। आपके द्वारा बताए गए कुंभ मेले के मृतकों के आंकड़े जिस प्रकार झूठे साबित हुए थे, वह आज भी जनता के मानस में अंकित हैं।”
उन्होंने कहा, “जब बोले गए और लिखे गए आंकड़ों में ही अंतर होगा, तो जनता भरोसा किस पर करे?”
एक दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट में 951 करोड़ रुपये की 124 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया था कि 2017 में भाजपा की सरकार बनने के समय 64,000 एकड़ सरकारी, व्यापारियों और गरीबों की जमीन पर अवैध कब्जा था। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया था कि समाजवादी पार्टी के ‘गुंडे’ पार्टी के झंडे लगाकर सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण करते थे।
उन्होंने दावा किया था कि इन जमीनों को कब्जे से मुक्त कराया गया और अब उनका उपयोग विश्वविद्यालयों, मेडिकल कॉलेजों तथा रोजगार सृजित करने वाली निवेश परियोजनाओं के लिए किया जा रहा है।
आदित्यनाथ ने पिछली समाजवादी पार्टी सरकारों पर वंशवादी राजनीति को बढ़ावा देने, विकास सुनिश्चित करने में विफल रहने तथा अराजकता और भूमि अतिक्रमण को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने साथ ही दावा किया था कि भाजपा सरकार ने राज्य के बुनियादी ढांचे और शासन व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है।
भाषा जफर जितेंद्र
जितेंद्र

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