एएमयू ने अलीगढ़ पब्लिक स्कूल पर कब्जे की कोशिश की जांच के लिए बनायी समिति
एएमयू ने अलीगढ़ पब्लिक स्कूल पर कब्जे की कोशिश की जांच के लिए बनायी समिति
अलीगढ़ (उप्र), दो अप्रैल (भाषा) अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) ने जालसाजी और अलीगढ़ पब्लिक स्कूल पर जबरन कब्जा करने की कोशिशों समेत कथित अनियमितताओं की जांच के लिए एक समिति बनाई है।
एएमयू प्रशासन के एक बयान के मुताबिक यह समिति जुलाई 2025 में विश्वविद्यालय के तत्कालीन रजिस्ट्रार के कथित जाली हस्ताक्षर से जुड़ी रिपोर्टों की जांच करेगी।
बयान के अनुसार इन हस्ताक्षरों के जरिये कथित तौर पर विश्वविद्यालय की मंजूरी के बिना बैंक खातों के बीच लगभग 4.8 करोड़ रुपये अंतरित किये गये थे, लेकिन एएमयू द्वारा बैंक को सूचित किए जाने के बाद यह लेन-देन रोक दिया गया था।
कथित तौर पर ये हस्ताक्षर हामिद अली के हैं जो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं और 2023 तक प्रतिनियुक्ति पर रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत थे।
एएमयू अधिकारियों ने बताया कि अली ने इस बात की पुष्टि की है कि वे हस्ताक्षर जाली थे।
विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर परवेज खान ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि जांच रिपोर्ट जमा होने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज की जाएगी।
एएमयू के सूत्रों ने बताया कि यह मामला तब और चर्चा में आया था जब मार्च 2026 में जारी एक सूचना में यह दावा किया गया कि स्कूल का कामकाज अब ‘अलीगढ़ पब्लिक स्कूल शिक्षा समिति’ नामक एक अलग संस्था के अधीन है और इसमें एएमयू की कोई भूमिका नहीं है।
पिछले हफ्ते उस समय तनाव और बढ़ गया, जब कुछ लोगों ने कथित तौर पर स्कूल परिसर पर कब्जा करने की कोशिश की थी। इसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और यथास्थिति को बहाल किया गया।
इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे जिसमें ‘एएमयू टीचर्स एसोसिएशन’ ने स्कूल की कीमती संपत्ति पर कब्जा करने की साजिश का आरोप लगाया।
एसोसिएशन के सचिव अशरफ मतीन ने बताया कि एक निगरानी समिति का गठन किया गया है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई में हो रही देरी पर सवाल उठाते हुए बैंक अधिकारियों की भूमिका पर भी चिंता व्यक्त की।
भाषा सं सलीम राजकुमार
राजकुमार

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