देश की आजादी के आंदोलन में अपने आपको बलिदान कर अवंतीबाई लोधी ने एक मिसाल पेश की: योगी

देश की आजादी के आंदोलन में अपने आपको बलिदान कर अवंतीबाई लोधी ने एक मिसाल पेश की: योगी

देश की आजादी के आंदोलन में अपने आपको बलिदान कर अवंतीबाई लोधी ने एक मिसाल पेश की: योगी
Modified Date: August 16, 2026 / 03:03 pm IST
Published Date: August 16, 2026 3:03 pm IST

लखनऊ, 16 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने रविवार को प्रथम स्वाधीनता संग्राम की वीरांगना अवंतीबाई लोधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश की आजादी के आंदोलन में अपने आपको बलिदान कर उन्‍होंने एक मिसाल प्रस्तुत की।

योगी आदित्यनाथ ने अवंतीबाई लोधी की 196वीं जयंती पर यहां उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्‍यसभा सदस्‍य बृजलाल समेत कई प्रमुख लोग मौजूद थे।

श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद अपने संबोधन में योगी आदित्‍यनाथ ने कहा, ‘‘1857 की महान क्रांतिकारियों में से एक वीरांगना अवंतीबाई लोधी की आज पावन जयंती है। वह भारत की आजादी की उन महान नायिकाओं में से एक हैं, जिन्होंने अपना जीवन देश के लिए समर्पित किया था। उनके नेतृत्व में अंग्रेजों के खिलाफ देश की आजादी के लिए जिस युद्ध को लड़ा गया, आज भी बड़ी श्रद्धा के साथ हर व्यक्ति उनकी स्मृतियों को नमन करता है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1857 में अवंतीबाई लोधी की उम्र मात्र 27 वर्ष थी और इस उम्र में उन्‍होंने देश की आजादी के आंदोलन में अपने आपको बलिदान कर एक मिसाल प्रस्‍तुत की।

योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वीरांगना अवंतीबाई लोधी के आदर्श प्रेरणा बन सकें, इसके लिए राज्य सरकार ने तीन महिला पीएसी बटालियन में से एक का नाम अवंतीबाई लोधी के नाम पर रखा है।

जानकारी के अनुसार, भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानियों में रानी अवंतीबाई लोधी का प्रमुख स्थान है। उनका जन्म 16 अगस्त 1831 को मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के मनकेहनी नामक गांव में हुआ था। अवंतीबाई के पिता राव जुझार सिंह एक जमींदार थे और उन्होंने बचपन में ही तलवारबाजी और घुड़सवारी में महारत हासिल कर ली थी।

भाषा आनन्द रंजन शफीक

शफीक


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