Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या पुलिस करेगी बड़ा खुलासा!. राम मंदिर गबन मामले में मिली बड़ी कामयाबी, अदालत ने दी इस बात की इजाजत

Ram Mandir Donation Theft Accused Updates: राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में तीन आरोपियों को एक दिन की पुलिस रिमांड, एसआईटी जांच में जुटी।

Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या पुलिस करेगी बड़ा खुलासा!. राम मंदिर गबन मामले में मिली बड़ी कामयाबी, अदालत ने दी इस बात की इजाजत

Ram Mandir Donation Theft Accused Remand || Image- ANI NEWS

Modified Date: July 7, 2026 / 10:38 pm IST
Published Date: July 7, 2026 10:31 pm IST
HIGHLIGHTS
  • तीन आरोपियों की एक दिन की पुलिस रिमांड मंजूर।
  • सात दिन की रिमांड मांग पर अदालत ने आंशिक राहत दी।
  • एसआईटी कथित गबन मामले की जांच में जुटी।

अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अदालत ने मंगलवार को तीन आरोपी करुणेश पांडेय, लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजने की इजाजत दे दी। (Ram Mandir Donation Theft Accused Remand) तीनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

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प्रारंभिक पूछताछ में मिले कुछ अहम सुराग

पुलिस ने अदालत से सात दिन की रिमांड मांगी थी। जांच अधिकारी का कहना था कि मामले की गहनता से जांच और घटना से जुड़े नए खुलासे के लिए आरोपियों से पुलिस हिरासत में पूछताछ जरूरी है। हालांकि अदालत ने फिलहाल केवल एक दिन की पुलिस कस्टडी मंजूर की। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में मिले कुछ अहम सुरागों के आधार पर तीनों आरोपियों से और पूछताछ की जाएगी, ताकि कथित गबन की पूरी साजिश, अन्य लोगों की भूमिका और धन के इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सके।

इस मामले में दर्ज एफआईआर में कुल आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और करुणेश पांडेय सहित अन्य नाम शामिल हैं। (Ram Mandir Donation Theft Accused Remand) सभी पर चोरी, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश जैसी धाराओं में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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25 जून को दर्ज हुई थी एफआईआर

एफआईआर के अनुसार, ये सभी आरोपी राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकद और कीमती सामान की गिनती के काम से जुड़े थे। गिरफ्तार आरोपियों में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के करीबी मददगार भी शामिल बताए गए हैं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की शुरुआती जांच के आधार पर 25 जून 2026 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी।

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