भाजपा मजहबी आधार पर आरक्षण का विरोध करती रही है और करती रहेगी: योगी आदित्यनाथ

भाजपा मजहबी आधार पर आरक्षण का विरोध करती रही है और करती रहेगी: योगी आदित्यनाथ

भाजपा मजहबी आधार पर आरक्षण का विरोध करती रही है और करती रहेगी: योगी आदित्यनाथ
Modified Date: April 30, 2026 / 08:11 pm IST
Published Date: April 30, 2026 8:11 pm IST

लखनऊ, 30 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मजहबी आधार पर आरक्षण का विरोध करती रही है और आगे भी करती रहेगी।

नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने विधानसभा में ‘नारी सशक्तिकरण’ को लेकर बुलाये गये एक दिवसीय सत्र में बृहस्पतिवार शाम को चर्चा के दौरान सवाल उठाते हुए कहा कि पंचायती राज में जब 33 प्रतिशत आरक्षण की बात आयी थी तब आप लोगों (भाजपा) ने विरोध किया था या नहीं?

योगी ने पांडेय का जवाब देते हुए कहा, “भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्गों के आरक्षण के पक्ष में हमेशा रही है लेकिन मजहबी आधार पर आरक्षण का लगातार विरोध करती रही है और आगे भी करती रहेगी।”

उन्होंने कहा, “देश ने 1947 के विभाजन की त्रासदी देखी है, ऐसी परिस्थितियां दोबारा न उत्पन्न हों, यह सुनिश्चित करना हर जिम्मेदार राजनीतिक दल का कर्तव्य है और भारतीय जनता पार्टी अपने राष्ट्रीय कर्तव्यों का निर्वहन करती रहेगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “विपक्ष ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर महिलाओं को मिलने वाले राजनीतिक अधिकारों को बाधित करने का प्रयास किया और मजहबी आरक्षण का मुद्दा उठाकर वास्तविक उद्देश्य से ध्यान भटकाया। देश के साथ इससे बड़ा द्रोह नहीं हो सकता, इसकी जितनी निंदा की जाए, कम है।”

उन्‍होंने कहा, “आपके इस कृत्य की हम घोर निंदा करते हैं। हम इस बात के पक्षधर हैं कि अनुसूचित जाति-जनजाति व पिछड़ी जाति से जुड़े लोगों को उनका अधिकार हर हाल में मिलना चाहिए। इसमें कहीं कोई संदेह नहीं है लेकिन नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संशोधन विधेयक का विरोध करने से आपकी जो मंशा सामने आई है, उसकी हम निंदा करते हैं।”

मुख्‍यमंत्री ने कहा, “आप (विपक्ष) लोगों ने इसकी आड़ में नारी शक्ति को नीति निर्धारण में मिलने वाले उनके अधिकारों से वंचित करने में मजहबी आरक्षण को आधार बनाया। आपका कहना है कि मुस्लिम आबादी के अनुरूप उनको आरक्षण मिलना चाहिए, मुझे लगता है कि देश के प्रति इससे बड़ा द्रोह कुछ नहीं हो सकता और आपके इस कृत्य की हम निंदा करते हैं।”

इससे पहले मुख्यमंत्री ने सुबह सदन में प्रस्ताव रखते हुए कहा था कि भारतीय संविधान में लैंगिक समानता की स्पष्ट अवधारणा निहित है और राजग सरकार के कार्यकाल में महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और स्वास्थ्य क्षेत्रों में व्यापक अवसर प्रदान किए गए हैं।

उन्होंने कहा था, “इसके बावजूद उन्हें उनकी जनसंख्या के अनुरूप प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया है। महिलाओं को नीति-निर्धारण और निर्णय प्रक्रिया में प्रभावी भागीदारी मिलनी चाहिए और इसी उद्देश्य से नारी शक्ति वंदन अधिनियम वर्ष 2023 में पारित किया गया।”

योगी ने कहा कि हालांकि, इस अधिनियम को शीघ्र लागू करने में कुछ बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं, जिन्हें चिन्हित कर दूर करना आवश्यक है।

सदन में दिनभर चली चर्चा के दौरान विभिन्न सदस्यों ने महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और राजनीतिक भागीदारी से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे।

संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्‍ना ने बताया कि पक्ष और विपक्ष के कुल 33 सदस्यों ने विशेष सत्र में चर्चा में भाग लिया।

उन्‍होंने कहा कि जब से प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी जी और योगी आदित्यनाथ जी ने उप्र में मुख्यमंत्री की कमान संभाली तब से सबसे ज्यादा कार्य इसी महिला सशक्तिकरण के लिए किया गया है।

भाषा आनन्द जितेंद्र

जितेंद्र


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