भाजपा को न तो चंदा मिलेगा, न ही वोट : अखिलेश
भाजपा को न तो चंदा मिलेगा, न ही वोट : अखिलेश
लखनऊ, दो जुलाई (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि अयोध्या के एक मंदिर में दान और चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़ी खबरें उत्तर प्रदेश के गांवों तक पहुंच गई हैं और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को इस मुद्दे पर जनता के गुस्से का सामना करना पड़ेगा।
अखिलेश ने यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा, “अयोध्या में एक मंदिर में चढ़ावे की चोरी की खबर हर गांव तक पहुंच गई है। इस बार भाजपा को न तो चंदा मिलेगा, न दान और न ही वोट।”
सपा प्रमुख ने भाजपा पर इस मुद्दे को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “वे (भाजपा नेता) लोगों को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं। वे कहानियां गढ़ रहे हैं और वास्तविक मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए दूसरों का नाम घसीट रहे हैं।”
अखिलेश ने भाजपा पर धार्मिक मूल्यों और लोकतांत्रिक सिद्धांतों दोनों को धोखा देने का आरोप लगाया।
उन्होंने भगवान राम और संविधान का जिक्र करते हुए कहा, “मर्यादा से जुड़ा पहला नाम भगवान राम का है और दूसरा संविधान का। भाजपा नेताओं ने आस्था, मर्यादा और भक्ति के साथ विश्वासघात किया है। अब वे संविधान और लोकतंत्र को भी कमजोर करने की तैयारी कर रहे हैं।”
अखिलेश ने कहा, “हमें उम्मीद है कि भगवान राम के नाम पर चढ़ाए गए चढ़ावे के बारे में सच्चाई लोगों के सामने आएगी। एक बार सच्चाई पता चलने के बाद लोग अपना फैसला सुनाएंगे।”
श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के पदाधिकारियों-चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग को लेकर अयोध्या में वकीलों के विरोध-प्रदर्शन का जिक्र करते हुए अखिलेश ने कहा कि सरकार के खिलाफ जनता की नाराजगी बढ़ रही है और लोग वोट के जरिये भाजपा को सत्ता से हटाने का इंतजार कर रहे हैं।
अखिलेश ने राम मंदिर में दान और चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा उठाने वाले लोगों का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इन लोगों को न्याय मिलेगा।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में न्याय की मांग करने वाले लोगों को एक सरकारी दफ्तर से दूसरे के चक्कर लगाने को मजबूर किया जा रहा है।
उन्होंने राज्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश में कभी भी इतने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार नहीं देखा गया। तहसील हो, पुलिस थाने हों या सरकारी विभाग, हर जगह जबरन वसूली का एक सुव्यवस्थित तंत्र काम कर रहा है।”
भाषा
अभिनव जफर पारुल
पारुल

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