उप्र विधानमंडल के दोनों सदनों में सपा, कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित
उप्र विधानमंडल के दोनों सदनों में सपा, कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित
लखनऊ, 30 अप्रैल (भाषा) लोकसभा में नारी शक्ति वंदन संविधान संशोधन विधेयक पारित न होने के मुद्दे पर बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश विधानमंडल के विशेष सत्र के दौरान दोनों सदनों विधानसभा और विधान परिषद में समाजवादी पार्टी (सपा) तथा कांग्रेस समेत ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल दलों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने सदन में प्रस्ताव के समर्थन में भारी बहुमत के मद्देनजर इसके पारित होने की घोषणआ की।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने इस निंदा प्रस्ताव का विरोध किया।
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के संसदीय चुनावों से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक 17 अप्रैल को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया था। सदन में ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ पर हुए मतदान के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट डाले गए थे।
इससे पहले संसदीय कार्य व वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सदन के समक्ष प्रस्ताव रखते हुए कहा, ” हम महिलाओं की सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पूर्णत: प्रतिबद्ध हैं और जब तक नारी शक्ति को नीति निर्माण में उचित अधिकार नहीं मिल जाता, हम नारी सशक्तिकरण के विरोधियों की निंदा और विरोध करते रहेंगे।”
विधान परिषद में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने निंदा प्रस्ताव रखा जो सदन में ध्वनि मत से पारित हो गया। विधानसभा अध्यक्ष और विधान परिषद सभापति ने सदन के अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित कर दिया।
भाषा आनन्द जोहेब
जोहेब

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