उप्र में बनी ब्रह्मोस मिसाइलों ने पाकिस्तान को जान की भीख मांगने पर मजबूर किया : योगी

उप्र में बनी ब्रह्मोस मिसाइलों ने पाकिस्तान को जान की भीख मांगने पर मजबूर किया : योगी

उप्र में बनी ब्रह्मोस मिसाइलों ने पाकिस्तान को जान की भीख मांगने पर मजबूर किया : योगी
Modified Date: June 21, 2026 / 03:39 pm IST
Published Date: June 21, 2026 3:39 pm IST

महोबा, 21 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पाकिस्तान की भारत से मुकाबला करने की क्षमता पर तंज कसते हुए कहा कि राज्य के रक्षा विनिर्माण गलियारे में बनी ब्रह्मोस मिसाइलों ने साबित कर दिया है कि पड़ोसी मुल्क हमारे देश का सामना नहीं कर सकता।

उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान लखनऊ में बनी ब्रह्मोस मिसाइल का इस्तेमाल किया गया और उसे देखकर पाकिस्तान ‘‘दुम दबाकर जान की भीख मांगने लगा।’’

मुख्यमंत्री ने महोबा में 697 करोड़ रुपये की 88 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘अब बुंदेलखंड में टैंक बन रहे हैं। इस क्षेत्र के युवा न केवल सेना में शामिल होकर देश की रक्षा करते हैं बल्कि यहां बनी तोपों और टैंकों के कारण दुश्मन भी डरता है।’’

उन्होंने कहा कि भविष्य में महोबा, हमीरपुर, चित्रकूट और झांसी को रक्षा विनिर्माण गलियारे का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने माफिया की कमर तोड़ दी है और बुंदेलखंड को एक्सप्रेसवे से जोड़कर विकास को नई गति दी है।

योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘जो लोग अवैध कब्जे करते हैं और नकारात्मकता फैलाते हैं, उनकी आत्मा भी मैली होती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि उनका मस्तिष्क और मन दूषित होता है। बीमार मानसिकता के साथ काम करने की वजह से उन्होंने राज्य को डुबोया, बुंदेलखंड का अपमान किया और उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया।’’

उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड ऊर्जा की धरती है और यहां का ग्रेनाइट पत्थर केवल घरों और इमारतों के निर्माण में ही नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी योगदान देता है। मुख्यमंत्री ने कहा, “ यह भूमि वीरांगनाओं को जन्म देती है। इसी धरती ने आल्हा-ऊदल जैसे वीर दिए, गुरु गोरखनाथ ने यहां तप किया और चंदेल राजाओं ने शौर्य की गाथाओं को आगे बढ़ाया।”

योगी ने कहा कि जब पान की बात आती है तो महोबा की याद आती है।

उन्होंने कहा कि महोबा आज भी देसावरी पान के लिए पहचाना जाता है।

भाषा आनन्द जितेंद्र

जितेंद्र


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