भाभी की हत्या करने के जुर्म में देवर को उम्रकैद
भाभी की हत्या करने के जुर्म में देवर को उम्रकैद
बहराइच (उप्र), 19 अगस्त (भाषा) बहराइच की एक विशेष अदालत ने करीब साढ़े छह साल पूर्व अपनी भाभी की सिर काटकर हत्या कर देने के मामले में आरोपी देवर को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनायी है तथा उसपर जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार यह सजा इस मायने में बेहद महत्वपूर्ण है कि घटना के वक्त नाबालिग रहे आरोपी के अपराध को जघन्य श्रेणी का मानते हुए अदालत ने कानून के विशेष प्रावधानों के तहत उसे आजीवन कारावास की सजा सुनायी और एक लाख 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
विशेष शासकीय अभियोजक संत प्रताप सिंह ने बुधवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बाल न्यायालय/अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार गौतम की अदालत ने मंगलवार को अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी देवर को भारतीय दंड संहिता की धाराओं 302/34 (हत्या), 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) और 201/34 (साक्ष्य मिटाने) के तहत दोषी ठहराया।
सिंह ने बताया कि नौ मार्च 2020 को रूपईडीहा थाना क्षेत्र के अड़गोड़वा गांव में नहर के किनारे एक महिला का सिर कटा शव मिला था, जिसकी पहचान रिसिया थाना क्षेत्र के इटकौरी गांव की 26 वर्षीय हसरीन के रूप में हुई और घटना के कई दिन बाद महिला का सिर भी बरामद हो गया था।
उन्होंने बताया कि हसरीन के पिता की तहरीर पर उसके पति, सास, ससुर तथा देवर समेत ससुराल पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ हत्या, आपराधिक षड्यंत्र, साक्ष्य छिपाने समेत विभिन्न आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया गया था।
सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया था कि हसरीन का अपने पति और ससुराल के लोगों से विवाद था और वह अपने मायके में रह रही थी।
उन्होंने बताया कि उसका पति रियाज अली सऊदी अरब में रह रहा था और वह तलाक लेकर दूसरी शादी करना चाहता था, लेकिन हसरीन तलाक के लिए तैयार नहीं थी।
सिंह के मुताबिक हसरीन से छुटकारा पाने के लिए रियाज ने सऊदी अरब में रहते हुए अपने पिता सादिक अली, मां सायरा, मुंबई में रह रहे 16 वर्षीय छोटे भाई और चचेरे भाई सलमान उर्फ नन्हे के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची।
उन्होंने बताया कि पुलिस का कहना है कि रियाज ने हत्या के लिए अपने किशोरवय भाई को मुंबई से बहराइच भेजा और फोन कर हसरीन को भाई के साथ ससुराल जाने के लिए राजी किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हसरीन के ससुराल जाते समय रास्ते में सादिक अली और उसका भतीजा सलमान उर्फ नन्हे भी उनके साथ हो लिए और रास्ते में मौका देखकर हसरीन की चाकू से गला काटकर हत्या कर दी ।
सूत्रों के अनुसार पहचान छुपाने के लिए हसरीन का सिर एक पालीथीन में डालकर सरयू नहर में फेंक दिया गया और शव को नहर किनारे छोड़ दिया ।
सूत्रों ने बताया कि जांच के आधार पर पुलिस ने हसरीन के पति रियाज अली, उसके पिता सादिक अली, मां सायरा और सादिक के भतीजे नन्हे को मामले में आरोपी बनाया था और उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। रियाज के 16 वर्षीय भाई को हिरासत में लिया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी नाबालिग देवर को छोड़कर चार अन्य चारों अभियुक्तों को अदालत पहले ही दोषी ठहरा चुकी है तथा 26 सितंबर 2025 को सादिक एवं सलमान को हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास तथा रियाज एवं सायरा को षड्यंत्र रचने के जुर्म में 10-10 साल कैद की सजा सुना चुकी है।
विशेष शासकीय अभियोजक संत प्रताप सिंह ने बताया कि मामले में महत्वपूर्ण कानूनी मोड़ तब आया जब अपर सत्र न्यायालय ने 13 फरवरी 2026 को 16 वर्ष दो माह उम्र वाले अभियुक्त को घटना वाले दिन नाबालिग करार देते हुए उसका मामला अन्य सह-अभियुक्तों से अलग कर बहराइच के किशोर न्याय बोर्ड भेज दिया।
सिंह ने बताया कि किशोर न्याय बोर्ड ने अपराध की गंभीरता और जघन्यता को देखते हुए प्रारंभिक मूल्यांकन किया और 13 मई 2026 को मामला मुकदमे की सुनवाई के लिए बालक न्यायालय के पास भेज दिया।
उन्होंने बताया कि मंगलवार को बाल न्यायालय/अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार गौतम की अदालत ने हसरीन के देवर को हत्या, साजिश रचने एवं साक्ष्य छिपाने के आरोप में दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनायी तथा तथा उसपर एक लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
भाषा सं. सलीम राजकुमार
राजकुमार

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