मिर्जापुर में सरदार पटेल एपेक्स विश्‍वविद्यालय की स्थापना को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी

मिर्जापुर में सरदार पटेल एपेक्स विश्‍वविद्यालय की स्थापना को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी

मिर्जापुर में सरदार पटेल एपेक्स विश्‍वविद्यालय की स्थापना को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी
Modified Date: May 18, 2026 / 10:05 pm IST
Published Date: May 18, 2026 10:05 pm IST

लखनऊ, 18 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के अंतर्गत निजी क्षेत्र में “सरदार पटेल एपेक्स विश्वविद्यालय, मिर्जापुर” की स्थापना के लिए उसकी प्रायोजक संस्था को आशय पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) जारी किए जाने के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी।

उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय के हवाले से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के अंतर्गत निजी क्षेत्र में “सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी, मीर्जापुर” की स्थापना हेतु उसकी प्रायोजक संस्था को आशय पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) जारी किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।

उपाध्याय ने कहा कि वाराणसी स्थित एपेक्स वेलफेयर ट्रस्ट, जो बड़े अस्पतालों का संचालन करता है, अब शिक्षा के क्षेत्र में भी प्रवेश कर रहा है। ट्रस्ट द्वारा मिर्जापुर में सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी की स्थापना का प्रस्ताव दिया गया था, जिसकी सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। इसी क्रम में मंत्रिमंडल ने संस्थान को आशय पत्र जारी किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।

प्रस्ताव के अनुसार मिर्जापुर जनपद की चुनार तहसील के ग्राम समसपुर में लगभग 50.45 एकड़ भूमि पर इस निजी विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। यह विश्वविद्यालय ग्रामीण क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी गति देगा।

मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में उच्च शिक्षा का तेजी से विस्तार होने के साथ उसकी गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

अंग्रेजों के समय से लेकर वर्ष 2017 तक प्रदेश में केवल 14 सरकारी विश्वविद्यालय थे, जबकि वर्ष 2017 के बाद अब तक आठ नए सरकारी विश्वविद्यालय स्थापित किए जा चुके हैं। इसी प्रकार निजी विश्वविद्यालयों की संख्या, जो लंबे समय तक 29 पर स्थिर थी, अब बढ़कर 52 हो गई है। मंत्री ने बताया कि आठ संस्थानों को लेटर ऑफ इंटेंट यानी आशय पत्र भी जारी किए जा चुके हैं।

भाषा आनन्‍द रंजन

रंजन


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