लखनऊ मेट्रो फेज-1बी को मिली रफ्तार, मंत्रिमंडल ने त्रिपक्षीय एमओयू को मंजूरी दी

लखनऊ मेट्रो फेज-1बी को मिली रफ्तार, मंत्रिमंडल ने त्रिपक्षीय एमओयू को मंजूरी दी

लखनऊ मेट्रो फेज-1बी को मिली रफ्तार, मंत्रिमंडल ने त्रिपक्षीय एमओयू को मंजूरी दी
Modified Date: May 18, 2026 / 09:56 pm IST
Published Date: May 18, 2026 9:56 pm IST

लखनऊ, 18 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लखनऊ मेट्रो फेज-1बी ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के लिए बड़ा फैसला लिया गया।

मंत्रिमंडल ने चारबाग से वसंतकुंज तक बनने वाले इस कॉरिडोर के लिए केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के बीच त्रिपक्षीय एमओयू के निष्पादन को मंजूरी दे दी।

वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि परियोजना की डिटेल परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पहले ही कैबिनेट से स्वीकृत हो चुकी थी। अब 5801.05 करोड़ रुपये की कुल लागत पर सहमति बनी है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की 50-50 प्रतिशत भागीदारी होगी।

अधिकारियों के अनुसार, यह ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर लखनऊ की यातायात व्यवस्था को और सुदृढ़ करेगा और नागरिकों को आधुनिक व सुगम सार्वजनिक परिवहन सुविधा देगा।

गौरतलब है कि डीपीआर को 5 मार्च 2024 की कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिली थी। इसके बाद आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने तीन सितंबर 2025 को परियोजना की कुल लागत 5801.05 करोड़ रुपये के साथ अनुमोदन किया था। केंद्र ने शर्त रखी थी कि क्रियान्वयन के लिए तीनों पक्षों के बीच त्रिपक्षीय एमओयू होगा।

न्याय विभाग के परीक्षण और संशोधन के बाद तैयार एमओयू के प्रारूप को अब कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने परियोजना में राज्य सरकार की भूमिका और दायित्वों को भी स्पष्ट कर दिया है।

भाषा आनन्द रंजन

रंजन


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