मुख्यमंत्री आदित्यनाथ, मायावती एवं अखिलेश ने कांशीराम की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ, मायावती एवं अखिलेश ने कांशीराम की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी
लखनऊ, 15 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती और समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने बहुजन समाज में राजनीतिक चेतना जागृत करने वाले प्रमुख नेताओं में शुमार बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक कांशीराम की जयंती पर रविवार को उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक संदेश में कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, ‘दलित, शोषित एवं वंचित के उत्थान हेतु अपना संपूर्ण जीवन अर्पित करने वाले सामाजिक न्याय के पुरोधा, बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम की जयंती पर मेरी विनम्र श्रद्धांजलि।’
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘सामाजिक न्याय के प्रखर पुरोधा, वंचितों एवं शोषितों के अधिकारों की सशक्त आवाज तथा बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन!’
उन्होंने कहा कि समानता, स्वाभिमान एवं सामाजिक चेतना के लिए उनका संघर्षपूर्ण जीवन आज भी समाज को न्याय और अधिकारों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देता है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी कांशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मायावती ने अपनी पार्टी के संस्थापक कांशीराम को श्रद्धांजलि देते हुए ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘बहुजन समाज पार्टी के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर कांशीराम को आज उनकी जयंती पर मेरे एवं उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में उनके अनुयायियों की ओर से शत-शत नमन एवं अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित। उन्होंने परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव आंबेडकर की सोच एवं आंदोलन को पूरे देश में जिंदा करके एवं उनके कारवां को आगे बढ़ाकर सत्ता की मंज़िल तक पहुंचाने के मिशन हेतु अपना पूरा जीवन समर्पित कर लगातार कड़ा संघर्ष किया।’’
उन्होंने बसपा के ‘सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति’ आंदोलन को पूरी प्रतिबद्धता के साथ मजबूत करने और अटूट दृढ़ संकल्प के साथ चुनावी सफलता हासिल करने के अपने संकल्प को दोहराया।
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई ने भी कांशीराम की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
पार्टी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी।’ बहुजन नायक, ‘साहेब’ कांशीराम की जयंती पर शत-शत नमन। आपने दबे-कुचले समाज को ‘शासक’ बनने का जो सपना दिखाया, उसे पूरा करना ही हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। जय भीम! जय भारत!’
अखिलेश यादव ने अपने ‘एक्स’ हैंडल से की गयी पोस्ट में कांशीराम की एक तस्वीर साझा की और उन्हें सामाजिक परिवर्तन के महानायक बताया।
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से लोकसभा सदस्य चंद्रशेखर आजाद ने कांशीराम की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने एक सोए हुए समुदाय को जगाया।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘कांशीराम साहब आपकी नेक कमाई, आपने सोती कौम जगाई। बहुजन नायक मान्यवर साहब कांशीराम की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन एवं विनम्र आदरांजलि तथा आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के छठवें स्थापना दिवस की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं।’
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हाल में कहा था कि अगर जवाहरलाल नेहरू जीवित होते तो कांशीराम को कांग्रेस की तरफ से मुख्यमंत्री बनाया जाता।
मंगलवार को लखनऊ में ‘संविधान सम्मेलन’ में गांधी ने कहा था कि महात्मा गांधी, भीमराव आंबेडकर और कांशीराम ने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।
बहुजन समाज में राजनीतिक चेतना पैदा करने वाले अग्रणी नेताओं में शामिल रहे कांशीराम का जन्म 15 मार्च 1934 को पंजाब के रूपनगर में हुआ था। उन्होंने 1971 में ‘ऑल इंडिया बैकवर्ड्स एंड माइनॉरिटीज कम्युनिटीज एम्प्लॉईज फेडरेशन’ (बामसेफ) और 1984 में बसपा का गठन किया था।
कांशीराम 1991 में उत्तर प्रदेश के इटावा और 1996 में पंजाब के होशियारपुर से लोकसभा के लिए चुने गए थे। उन्होंने 1998 से 2004 तक राज्यसभा सदस्य के रूप में भी कार्य किया। उनका निधन नौ अक्टूबर 2006 को दिल्ली में 71 वर्ष की आयु में हुआ था।
भाषा सलीम सिम्मी
सिम्मी

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