लखनऊ, 22 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर में जिले के विकास कार्यों और जलभराव व बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की।
राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान निर्देश दिया कि स्वच्छता अभियानों को नियमित कामकाज का हिस्सा बनाया जाए और उन्होंने इन कार्यक्रमों में जन-प्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘‘सभी सरकारी इमारतों में नियमित सफाई होनी चाहिए। हमें मौसम में बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए। रेहड़ी-पटरी की दुकानें व्यवस्थित तरीके से लगायी जानी चाहिए। सभी स्ट्रीट लाइट चालू होनी चाहिए और सभी सीसीटीवी कैमरे ठीक से काम करने चाहिए।’
उन्होंने निर्देश दिया कि नालियों से सभी अतिक्रमण हटाए जाएं और एकल प्रयोग वाली प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक लगाई जाए। साथ ही। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि किसी भी हाल में कहीं भी जलभराव नहीं होना चाहिए।
आदित्यनाथ ने राप्ती कॉम्प्लेक्स, गोरख एन्क्लेव, विजय चौराहा और धर्मशाला में जलभराव की खबरों के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिया कि नालियों और सीवर की नियमित सफाई की जाए और सफाई के बाद उन्हें ढका जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता कार्यक्रमों में ज़्यादा से ज़्यादा लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर वार्ड, झुग्गी-बस्ती, गली और खाली भूखंड की सफाई के लिए समर्पित टीमें बनाई जाएं और कचरे के सही निपटान को सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण इलाकों में भी स्वच्छता अभियान चलाने का निर्देश दिया।
भाषा सलीम धीरज
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