इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने लखनऊ अदालत परिसर में वकीलों पर हुए हमले के मामले में फैसला सुरक्षित किया

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इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने लखनऊ अदालत परिसर में वकीलों पर हुए हमले के मामले में फैसला सुरक्षित किया

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  • Publish Date - July 22, 2026 / 11:20 PM IST,
    Updated On - July 22, 2026 / 11:20 PM IST

लखनऊ, 22 जुलाई (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने लखनऊ जिला अदालत परिसर के अंदर एक मुवक्किल और उसके वकीलों पर हुए कथित हमले के मामले में बुधवार को अपना अंतिम आदेश सुरक्षित कर लिया।

न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि क्योंकि यह घटना न्याय व्यवस्था से जुड़ी है इसलिए इस मामले को ‘स्वतः संज्ञान’ लेते हुए जनहित याचिका के तौर पर दर्ज किया जाए।

पीठ ने यह आदेश हमले के शिकार हुए दिल्ली के वकीलों की याचिका पर दिया है।

पीठ ने आदेश सुरक्षित करने से पहले लखनऊ के जिला न्यायाधीश और पुलिस आयुक्त द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट की पड़ताल की। दोनों न्यायाधीशों ने जिला अदालत की इमारत की आठवीं मंजिल पर हुई मारपीट की घटना का सीसीटीवी फुटेज भी देखा।

सुनवाई के दौरान सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल और महासचिव अवनीश दीक्षित, वरिष्ठ अधिवक्ता डॉक्टर एलपी मिश्रा के साथ अदालत में पेश हुए।

अधिवक्ता अनुपम मेहरोत्रा ​​ने आरोपी वकील सौरभ कुमार वर्मा की ओर से अपना वकालतनामा दाखिल किया।

सुनवाई के दौरान उप सॉलिसिटर जनरल और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील भी मौजूद थे।

भाषा सं सलीम धीरज

धीरज