कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, सीईसी के आगरा स्थित घर की दीवार पर ‘गद्दार ज्ञानेश’ नारा लिखा

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, सीईसी के आगरा स्थित घर की दीवार पर ‘गद्दार ज्ञानेश’ नारा लिखा

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, सीईसी के आगरा स्थित घर की दीवार पर ‘गद्दार ज्ञानेश’ नारा लिखा
Modified Date: September 28, 2026 / 02:54 pm IST
Published Date: September 28, 2026 2:54 pm IST

आगरा/लखनऊ, 28 सितंबर (भाषा) कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के आगरा स्थित घर के बाहर सोमवार सुबह प्रदर्शन किया, उनके खिलाफ नारेबाजी की तथा आवास के मुख्य द्वार और दीवार को स्प्रे पेंट से विरूपित कर दिया।

प्रदर्शनकारियों में कांग्रेस और पार्टी से संबद्ध संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे, जो बड़ी संख्या में कुमार के विजय नगर स्थित आवास के बाहर एकत्र हुए। उन्होंने घर की चारदीवारी पर स्टिकर लगाए और पर्चे चिपकाए। प्रदर्शनकारियों ने घर के मुख्य द्वार और दीवार पर “ज्ञानेश गद्दार’’ और ‘‘ज्ञानेश चोर” लिख दिया। प्रदर्शन, और दीवार पर लिखे गए नारों के वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए।

भारतीय युवा कांग्रेस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “आगरा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘गद्दार ज्ञानेश’ के घर को कालिख से पोत दिया। पिछले कई वर्षों में मोदी-शाह ने ज्ञानेश के साथ मिलकर देश के विभिन्न हिस्सों में जिस तरह चुनावों में गड़बड़ी की है, वह सीधे तौर पर देश के खिलाफ गद्दारी है। हम सुनिश्चित करेंगे कि ज्ञानेश को सजा मिले।”

केरल कैडर के 1988 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी कुमार ने पिछले साल 19 फरवरी को भारत के 26वें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था।

इससे पहले, 31 जनवरी 2024 को सेवानिवृत्त होने के बाद, उन्हें 15 मार्च 2024 को निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया गया था।

सोमवार का प्रदर्शन निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली, जिसमें मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) भी शामिल है, को लेकर कांग्रेस और निर्वाचन आयोग के बीच बढ़ते टकराव के बीच हुआ।

कांग्रेस उत्तर प्रदेश, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। पार्टी का आरोप है कि आयोग केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में काम कर रहा है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विशेष रूप से सीईसी ज्ञानेश कुमार को निशाने पर लिया है और उन पर असंवैधानिक कदम उठाने का आरोप लगाया है। गांधी ने ऐसे कथित कृत्यों को “देशद्रोह” भी बताया है।

पिछले सप्ताह अंग्रेजी दैनिक ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के बाद आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन बढ़ गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि तीन में से दो निर्वाचन आयुक्तों ने 10 महीने की अवधि में 14 मौकों पर आयोग के फैसलों पर औपचारिक रूप से आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट में यह दावा किये जाने के बाद, समाजवादी पार्टी सहित विपक्षी दलों ने निर्वाचन आयोग और भाजपा की आलोचना तेज कर दी।

रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्वाचन आयोग और एसआईआर पर हमलों को लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगियों की आलोचना की थी।

आदित्यनाथ ने कांग्रेस और सहयोगियों पर राजनीतिक हितों के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें निर्वाचन आयोग और एसआईआर की आलोचना के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने एसआईआर पर विपक्षी दलों के हालिया बयानों को “बेहद गैर-जिम्मेदाराना” बताया।

लखनऊ में रविवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए आदित्यनाथ ने कहा, “कांग्रेस और उसके सहयोगियों को देश की संवैधानिक संस्थाओं और जनता से अपने कार्यों के लिए माफी मांगनी चाहिए।”

भाषा

किशोर आनन्द सुभाष

सुभाष


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