खालिस्तान समर्थक संगठन से जुड़ा अपराधी और अमेरिकी नागरिक नेपाल सीमा से गिरफ्तार

खालिस्तान समर्थक संगठन से जुड़ा अपराधी और अमेरिकी नागरिक नेपाल सीमा से गिरफ्तार

खालिस्तान समर्थक संगठन से जुड़ा अपराधी और अमेरिकी नागरिक नेपाल सीमा से गिरफ्तार
Modified Date: July 24, 2026 / 12:05 am IST
Published Date: July 24, 2026 12:05 am IST

बहराइच (उप्र), 23 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रूपईडीहा क्षेत्र में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) एवं स्थानीय पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई में खालिस्तान समर्थक अलगाववादी संगठन ‘वारिस पंजाब दे’ से जुड़े एक वांछित अपराधी विक्रमजीत सिंह तथा अमेरिकी नागरिक मनवीर सिंह ढिल्लों को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया है।

बहराइच के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार देर रात ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पूछताछ में मिली जानकारी के अनुसार पंजाब के अजनाला थाने में 2023 के एक मामले में वांछित ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन से जुड़ा विक्रमजीत सिंह कई दिनों से फरार था और पंजाब पुलिस को उसकी तलाश थी।

उन्होंने बताया कि विक्रमजीत के साथ इसी संगठन से जुड़ा अमेरिकी नागरिक मनवीर सिंह ढिल्लों मूल रूप से पंजाब के मोगा का निवासी है और पंजाब पुलिस एक मामले में मनवीर को भी तलाश रही है।

श्रीवास्तव ने बताया कि शायद पुलिस की नजर में आने से बचने के लिए मनवीर ने भारत आने के लिए वीजा नहीं बनवाया था।

उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को भारत नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा स्थित रूपईडीहा सीमा चौकी पार कर भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करते समय विक्रमजीत तथा मनवीर को पुलिस एवं एसएसबी ने रोककर पूछताछ की तो पुलिस को इनकी असलियत पता चली।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दोनों के खिलाफ रूपईडीहा थाने में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि सिंह और ढिल्लों को अवैध रूप से भारत में घुसपैठ कराने की कोशिश के आरोप में भारतीय क्षेत्र के रूपईडीहा कस्बा निवासी तीन अन्य भारतीय नागरिक सुरेश कुमार पाठक, दिलीप उपाध्याय और वाहन चालक राहुल कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है।

श्रीवास्तव ने बताया कि सीमा पर तैनात तमाम सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने पकड़े गए सभी लोगों से पूछताछ की है।

एक अन्य सूत्र ने बताया कि अमेरिकी नागरिक मनवीर की पत्नी और बच्चे भी उसके साथ थे, लेकिन उनके पास वैध दस्तावेज थे, इसीलिए उन्हें आव्रजन नियमों के तहत वैध रूप से प्रवेश की अनुमति दे दी गई।

भाषा सं. सलीम रंजन

रंजन


लेखक के बारे में