आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग के लिए कुशल प्रतिभाओं का विकास जरूरी : राजनाथ

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आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग के लिए कुशल प्रतिभाओं का विकास जरूरी : राजनाथ

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  • Publish Date - August 30, 2026 / 10:02 PM IST,
    Updated On - August 30, 2026 / 10:02 PM IST

लखनऊ, 30 अगस्त (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत के बढ़ते रक्षा आयुध निर्माण तंत्र के साथ-साथ कुशल प्रतिभाओं का एक मजबूत समूह विकसित करने पर बल दिया है।

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग के निर्माण के लिए आत्मनिर्भर कौशल और प्रतिभा तंत्र तैयार करना भी जरूरी है।

लखनऊ में रविवार को आयोजित पीएम-सेतु इंडस्ट्री कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए राजनाथ ने कहा, ‘‘अगर हम भारत को आत्मनिर्भर रक्षा उद्योग वाला देश बनाना चाहते हैं तो हमें आत्मनिर्भर प्रतिभा तंत्र भी विकसित करना होगा।’’

उन्होंने कहा कि रक्षा विनिर्माण, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, ड्रोन, रोबोटिक्स, प्रिसिजन इंजीनियरिंग और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में भारत की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बड़ी संख्या में कुशल और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार मानव संसाधन की आवश्यकता होगी।

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की आत्मनिर्भरता और तकनीकी क्षमताओं को आगे बढ़ाने के लिए मजबूत रक्षा उद्योग आधार और प्रभावी कौशल विकास तंत्र का समानांतर विकास जरूरी है।

राजनाथ ने रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (डीपीएसयू) और रक्षा क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों से पीएम-सेतु के तहत औद्योगिक साझेदारी में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उद्योगों को पारंपरिक सहयोग मॉडल से आगे बढ़कर कौशल विकास में भागीदारी करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि उद्योगों की भागीदारी भविष्य की कौशल जरूरतों की पहचान करने, पाठ्यक्रम तैयार करने, उपकरणों के आधुनिकीकरण, प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण देने और रोजगार के अवसर तैयार करने तक होनी चाहिए।

रक्षा मंत्री ने कहा कि पीएम-सेतु के तहत प्रस्तावित बदलाव केवल व्यवस्था में सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य भारत में तकनीकी शिक्षा की एक नयी संस्कृति विकसित करना है।

उन्होंने कहा कि यह पहल तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं को सम्मान, आकांक्षा और अवसर उपलब्ध कराने तथा उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

राजनाथ ने पीएम-सेतु को उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारे के साथ जोड़ने की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रक्षा आयुध निर्माण क्षेत्र की उभरती जरूरतों को देखते हुए पीएम-सेतु हब के रूप में चयनित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में विशेष क्षमताओं के विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।

भाषा

सलीम रवि कांत