ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान उप्र के ट्रेनिंग स्कूलों में उड़ान गतिविधियों पर डीजीसीए ने लगायी रोक

Ads

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान उप्र के ट्रेनिंग स्कूलों में उड़ान गतिविधियों पर डीजीसीए ने लगायी रोक

  •  
  • Publish Date - September 9, 2026 / 11:37 AM IST,
    Updated On - September 9, 2026 / 11:37 AM IST

लखनऊ, नौ सितंबर (भाषा) नागर उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर, आयोजन की तीन दिन की अवधि में उत्तर प्रदेश से संचालित होने वाले उड़ान प्रशिक्षण संगठनों (एफटीओ) में उड़ान संबंधी गतिविधियों पर रोक लगा दी है।

डीजीसीए ने सभी एफटीओ संस्थानों को भेजे गए एक संदेश में कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में होने वाले ब्रिक्स समिट-2026 को देखते हुए ये पाबंदियां 11 सितंबर की सुबह सात बजे से 13 सितंबर की रात 11 बजे तक लागू रहेंगी।

18वां ब्रिक्स सम्मेलन 11 से 13 सितंबर तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा।

आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि निर्धारित अवधि में उत्तर प्रदेश में मौजूद किसी भी एफटीओ से ‘किसी भी तरह के एयरक्राफ्ट, जिसमें हल्के/माइक्रो-लाइट एयरक्राफ्ट, हैंग ग्लाइडर, हेलीकॉप्टर वगैरह शामिल हैं, को उड़ान भरने या उन्हें चालू करने की इजाजत नहीं होगी।’

डीजीसीए द्वारा विगत सात सितंबर को जारी संदेश के अनुसार यह पाबंदी पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में मौजूद उड़ान प्रशिक्षण संगठनों पर भी लागू होगी।

डीजीसीए ने कहा कि ये पाबंदियां ‘ब्रिक्स सम्मेलन-2026 को ध्यान में रखते हुए’ लगाई जा रही हैं और इन्हें सक्षम अधिकारी ने स्वीकृति दी है।

आदेश के मुताबिक सम्मेलन की अवधि में दिल्ली के 300 किलोमीटर के दायरे में हल्के और माइक्रो-लाइट एयरक्राफ्ट, मानव रहित उड़ान वाहन और इसी तरह के लंबी दूरी तक उड़ने वाले विमानों के संचालन पर रोक लगा दी गई है।

उड़ान प्रशिक्षण निदेशालय ने संदेश के साथ भेजे गए एक ईमेल में कहा कि ये उपाय ‘एहतियाती सुरक्षा प्रबंध’ के तौर पर किए जा रहे हैं और इनका मकसद ब्रिक्स सम्मेलन -2026 का ‘सुरक्षित और सुचारू संचालन’ सुनिश्चित करना है।

डीजीसीए ने सभी संबंधित लोगों से पूरा सहयोग करने और निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

भाषा किशोर सलीम मनीषा

मनीषा