Vande Bharat IBC24 News: 2027 की चुनावी ‘लीला’… लाल-हरा अब ‘नीला’! बदलाव के लिए रंग बदलती सियासत, क्या नया दांव जिताएगा सपा को चुनाव?

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Vande Bharat IBC24 News: 2027 की चुनावी 'लीला'... लाल-हरा अब 'नीला'! बदलाव के लिए रंग बदलती सियासत, क्या नया दांव जिताएगा सपा को चुनाव?

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  • Publish Date - September 9, 2026 / 12:14 AM IST,
    Updated On - September 9, 2026 / 12:18 AM IST

Vande Bharat IBC24 News: 2027 की चुनावी 'लीला'... लाल-हरा अब 'नीला'! बदलाव के लिए रंग बदलती सियासत, क्या नया दांव जिताएगा सपा को चुनाव?/image: IBC24 file

HIGHLIGHTS
  • सपा छात्रसभा के सम्मेलन में लाल की जगह नीला ड्रेसकोड नजर आया
  • अखिलेश यादव भी नीला गमछा पहने नजर आ चुके हैं
  • नीले रंग को दलित वोट बैंक से जोड़कर सियासी चर्चा तेज है

लखनऊ। Vande Bharat IBC24 News: उत्तरप्रदेश में जैसे-जैसे 2027 करीब आ रहा है..यहां राजनीतिक दलों के अलग-अलग पैंतरे भी नजर आने लगे हैं। ऐसा ही एक चुनावी पैंतरा समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) की तरफ से चला गया..जब उसके छात्र सभा में लाल की जगह ड्रेसकोड का रंग नीला कर दिया गया। इससे पहले खुद सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) जिला अध्यक्षों की बैठक में लाल रंग की जगह नीले रंग का गमछा गले में डाले नजर आए थे..तो क्या यूपी के चुनावी जंग में सपा की रंग वाली नीति काम करेगी।

नीले रंग में रंगी नजर आई समाजवादी पार्टी (Akhilesh Yadav Blue Gamcha)

पहली नजर में इन तस्वीरों को देखने के बाद आपको भी हैरत होगा। ये वही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता हैं। जिनकी रैली में लाल और हरे रंग का समंदर उमड़ता है, लेकिन 8 सितंबर को लखनऊ में आयोजित सपा छात्रसभा के सम्मेलन में लाल टोपी वाली समाजवादी पार्टी नीले रंग में रंगी नजर आई। इससे पहले सपा सुप्रीमो गले में नीला गमछा डालकर बसपा वालों की बीपी जरूर बढ़ा दी है।

ड्रेस कोड में बदलाव को सपा का चुनावी दांव (SP Election Strategy)

दरअसल यूपी की राजनीति में रंगों का अलग-अलग सियासी संदेश रहा है..नीला रंग बसपा की विचारधारा से जुड़ा माना जाता है, जबकि सपा की पहचान लंबे समय से लाल और हरे रंग से रही है। ऐसे में छात्रसभा में ड्रेस कोड में बदलाव को सपा का चुनावी दांव माना जा रहा है..हालांकि बीजेपी कह रही है कि रंग बदलने से कुछ नहीं होने वाला

सपा के नीले रंग के पीछे क्या है प्लान

Vande Bharat IBC24 News तो क्या लाल और हरे के साथ अब नीले रंग को जोड़कर अखिलेश यादव PDA के D यानी दलित वोट को साधने की तैयारी में हैं, क्योंकि यूपी में करीब 21% आबादी दलितों की है..जिन्हें बहुजन समाजवादी पार्टी का सबसे बड़ा वोट बैंक माना जाता है। अब जब सपा ने लाल-हरे के साथ-साथ नीले रंग से मोहब्बत दिखाई है.. तब ये सवाल अहम हो जाता है कि..इसका असर 27 के चुनावी समर में होगा।

 

 

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सपा के नीले रंग को लेकर चर्चा क्यों हो रही है?

सपा छात्रसभा के सम्मेलन में नीले ड्रेसकोड और अखिलेश यादव के नीले गमछे के बाद इसे पार्टी की नई रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

सपा की पहचान किन रंगों से रही है?

समाजवादी पार्टी की पहचान लंबे समय से लाल और हरे रंग से जुड़ी रही है।

नीला रंग किस राजनीतिक दल से जुड़ा माना जाता है?

यूपी की राजनीति में नीला रंग बहुजन समाज पार्टी (BSP) और उसकी विचारधारा से जुड़ा माना जाता है।

क्या सपा का नीला रंग दलित वोट बैंक से जुड़ा है?

राजनीतिक विश्लेषण में इसे दलित मतदाताओं को साधने की संभावित रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि इसका वास्तविक चुनावी असर 2027 के चुनाव में ही स्पष्ट होगा।

PDA में ‘D’ का क्या मतलब है?

सपा की PDA रणनीति में ‘D’ से दलित को संदर्भित किया जाता है।