पूर्व आईपीएस अधिकारी ने राम मंदिर ट्रस्ट से की ‘दानदाता आश्वासन प्रमाणपत्र’ जारी करने की मांग

Ads

पूर्व आईपीएस अधिकारी ने राम मंदिर ट्रस्ट से की 'दानदाता आश्वासन प्रमाणपत्र' जारी करने की मांग

  •  
  • Publish Date - July 19, 2026 / 07:22 PM IST,
    Updated On - July 19, 2026 / 07:22 PM IST

लखनऊ, 19 जुलाई (भाषा) आजाद अधिकार सेना के अध्यक्ष एवं पूर्व भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस)अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के आरोपों के बीच ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ से मांग की है कि वह दानदाताओं का भरोसा बनाए रखने के लिए ‘दानदाता आश्वासन प्रमाणपत्र’ जारी करे।

ठाकुर ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ ‘दानदाता आश्वासन प्रमाणपत्र’ राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से जारी किया जाने वाला ऐसा प्रमाणपत्र होगा, जिसमें यह बताया जाएगा कि दानदाताओं से मिले दान का समुचित प्रबंधन किया गया है और उसका उपयोग उसी उद्देश्य के लिए हुआ है जिसके लिए वह दिया गया था। एक तरह से यह दानदाताओं को उनके दान के सुरक्षित और उचित उपयोग का भरोसा दिलाने वाली व्यवस्था होगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह प्रमाणपत्र मांगने का विचार ट्रस्ट की मूल अवधारणा से आया है, क्योंकि ट्रस्ट का उद्देश्य ही लोगों का भरोसा बनाए रखना है।’’

आजाद अधिकार सेना के अध्यक्ष ने कहा, ‘‘इस तरह के प्रमाणपत्र की मांग करने का मकसद यह है कि मंदिर के प्रति प्रेम, स्नेह, श्रद्धा और सम्मान के कारण दिल खोलकर दान देने वाले लोगों को ट्रस्ट से यह भरोसा मिले कि उनके दान का समुचित प्रबंधन किया गया है।’’

उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य यह भी सुनिश्चित करना है कि मंदिर ट्रस्ट अपने खातों की फिर से समीक्षा करे और जांच के दायरे में आई अनियमितताओं के अलावा यह भी देखे कि कहीं कोई अन्य ऐसा मामला तो नहीं है, जिसमें अनियमितता या गड़बड़ी हुई हो।

ठाकुर ने यह भी कहा कि अगर उन्हें ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया जाता है, तो वह ‘दानदाता आश्वासन प्रमाणपत्र’ की व्यवस्था लागू करेंगे।

ठाकुर ने राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और महासचिव को 13 जुलाई को लिखे अपने पत्र का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने पांच फरवरी 2020 से श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दान के रूप में मिली नकदी और अन्य कीमती वस्तुओं का स्वतंत्र एवं पूर्वव्यापी मिलान कराने की मांग की है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने ट्रस्ट से अनुरोध किया है कि वह 15 दिनों के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करे और भक्तों एवं दानदाताओं का भरोसा बनाए रखने के लिए इसके निष्कर्षों के आधार पर सार्वजनिक रूप से संक्षिप्त ‘दानदाता आश्वासन प्रमाणपत्र’ जारी करे।’’

ठाकुर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच एक विशेष दल कर रहा है और इस सिलसिले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

वर्ष 1992 बैच के उत्तर प्रदेश काडर के आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 23 मार्च 2021 को संबंधित नियमों के तहत यह कहते हुए अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त कर दिया था कि कई विभागीय जांचों और अनुशासनात्मक शिकायतों के मद्देनजर उन्हें सेवा में बनाए रखना जनहित में ‘उचित नहीं’ था।

भाषा अरुणव सलीम सिम्मी

सिम्मी