Sonam Wangchuk Hunger Strike|| Image- ANI News File
Sonam Wangchuk Hunger Strike: नई दिल्ली: सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि, वो अपना अनशन खत्म कर देंगे, लेकिन ऐसा करने के लिए उन्होंने सरकार के सामने कुछ शर्तेँ रखी है। सोनम वांगचुक का कहना है कि, सरकार उनकी तीन शर्तों में से किसी एक शर्त को भी पूरी कर देती है तो वह अपना अनशन तोड़ देंगे।
सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म करने का ऐलान करते हुए एक्स पर लिखा, ‘मैं 20 जुलाई को अपना अनशन खत्म कर दूंगा, अगर’ उन्होंने अपनी पहली शर्ते रखते हुए सरकार से मांग की कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में हालिया नाकामियों, पेपर लीक वगैरह की जिम्मेदारी ले।
वांगचुक ने दूसरी शर्त में कहा है कि यदि वह और सीजेपी (CJP) का नेतृत्व संसद के दरवाजे तक पहुंचते हैं और विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद एवं नेता उन्हें संसद में इस विषय को प्रमुखता से उठाने का आश्वासन देते हैं तो वह भूख हड़ताल खत्म कर देंगे। (Sonam Wangchuk Hunger Strike) तीसरी शर्त के अनुसार, उन्होंने कहा कि अगर मेरे स्वास्थ्य या दूसरी अन्य वजह से ऐसा करना संभव नहीं हो तो अलग-अलग पार्टियों के सांसद और नेता अस्पताल में आकर ऊपर रखी गई शर्तें पूरा करने का भरोसा दिलाएं।
WHEN WILL I END THE FAST….!
Not withstanding my health my fast continues till after the Sansad Chalo March, and will be broken only under the following circumstances… pic.twitter.com/kaOGx2Nk4T— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 20, 2026
Sonam Wangchuk Hunger Strike: सनम वांगचुक ने अंत में मांग करते हुए सफदरजंग अस्पताल में अपनी स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि वह इस वक्त अस्पताल में अवैध हिरासत का सामना कर रहे हैं। वांगचुक के अनुसार, अस्पताल परिसर के अंदर उनकी आवाजाही की आजादी, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोगों से बातचीत व संचार करने के अधिकारों को प्रशासन द्वारा पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, सोनम वांगचुक 28 जून से कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में शामिल होकर अनशन कर रहे हैं। इस अनशन के जरिए उनकी मांग मांग शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करना है। इसमें NEET समेत विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों के मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही की मांग शामिल है। (Sonam Wangchuk Hunger Strike) साथ ही वह लद्दाख के पर्यावरण, संस्कृति संरक्षण और छठी अनुसूची सहित संवैधानिक सुरक्षा, स्टेटहुड और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की लंबित मांगों पर केंद्र सरकार से संवाद और जवाबदेही के लिए भी लड़ाई लड़ रहे हैं।
इन्हें भी पढ़ें:-