जाली पासपोर्ट गिरोह मामला : थानाध्यक्ष और आठ दारोगा हटाए गए
जाली पासपोर्ट गिरोह मामला : थानाध्यक्ष और आठ दारोगा हटाए गए
गाजियाबाद (उप्र), तीन फरवरी (भाषा) गाजियाबाद पुलिस ने एक फर्जी पासपोर्ट गिरोह का भंडाफोड़ होने के बाद इस मामले में भोजपुर के थानाध्यक्ष और आठ उप निरीक्षकों को हटाकर लाइन हाजिर किया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने इस मामले में अब तक एक डाकिये समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मोदीनगर के सहायक पुलिस आयुक्त अमित सक्सेना ने बताया कि पुलिस आयुक्त जे. रविंद्र गौड़ ने भोजपुर के थानाध्यक्ष सचिन कुमार और आठ उप निरीक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया था जिसके बाद उन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि थानाध्यक्ष को थाने में पुलिस के कामकाज की खराब निगरानी के आरोप में लाइन हाजिर किया गया है।
सक्सेना ने बताया कि थाने के लिपिक दीपक कुमार को ड्यूटी के दौरान पासपोर्ट के सत्यापन के लिए उप निरीक्षकों की डिजिटल आईडी का गलत इस्तेमाल करने के आरोप में निलंबित किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में जारी किए गए पासपोर्ट से जुड़े लगभग 30 मोबाइल नंबरों की भी जांच की जा रही है। संदेह है कि ये नंबर एजेंटों, पुलिस कर्मियों और डाक विभाग के कर्मचारियों के हैं।
यह मामला पिछले साल दिसंबर में तब सामने आया था जब क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ने संदिग्ध आवेदनों की तरफ पुलिस का ध्यान दिलाया। उनमें एक ही पते और मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके कई पासपोर्ट जारी किए गए थे।
पुलिस के मुताबिक बाद में पड़ताल करने पर पता चला कि कोई भी आवेदक भोजपुर थानाक्षेत्र में बताए गए पतों पर नहीं रहता था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें मेरठ का रहने वाला डाकिया अरुण कुमार (32), दिल्ली का निवासी एजेंट विवेक गांधी (35) और प्रकाश सुब्बा (60) तथा पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर का रहने वाला अमन दीप (19) और उसकी मां सतवंत कौर (61) शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारियां रविवार को की गईं। सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपियों से पूछताछ की है।
भाषा सं. सलीम राजकुमार
राजकुमार

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