नेपाल त्रासदी में लापता बलिया के तीन लोगों के परिजन परेशान, केंद्र से मदद की गुहार

नेपाल त्रासदी में लापता बलिया के तीन लोगों के परिजन परेशान, केंद्र से मदद की गुहार

नेपाल त्रासदी में लापता बलिया के तीन लोगों के परिजन परेशान, केंद्र से मदद की गुहार
Modified Date: August 31, 2026 / 05:08 pm IST
Published Date: August 31, 2026 5:08 pm IST

बलिया (उप्र), 30 अगस्त (भाषा) नेपाल में आई त्रासदी में बलिया जिले की एक महिला और उसके बेटे सहित तीन लोगों के लापता होने से उनके परिजन परेशान हैं तथा उन्होंने केंद्र सरकार से लापता लोगों को ढूंढने की गुहार लगाई है।

बांसडीह तहसील क्षेत्र के बेउर गांव की प्रियंका ने अपने पति गोविंद कुमार भारती को ढूंढने के लिए सरकार से मदद मांगी है। प्रियंका ने सोमवार को बताया कि गोविंद से चार माह पहले ही उसकी शादी हुई थी।

प्रियंका ने कहा कि पति से आखिरी बात 26 अगस्त को हुई थी और उन्होंने 15 सितंबर को घर आने का वादा किया था।

उसने कहा कि शादी के एक महीने बाद रोजगार के लिए उसके पति नेपाल चले गए थे, जहां त्रासदी के बाद से लापता हैं।

गोविंद के पिता सुमेर बेटे के लापता होने से बेसुध हैं और मां चिंता देवी ने बिलखते हुए केंद्र सरकार से बेटे को ढूंढने की फरियाद की है। गोविंद की शादी एक मई को प्रियंका के साथ हुई थी।

रसड़ा के पुरानी मस्जिद के पास रहने वाले पन्नालाल चौरसिया की पत्नी जगदरा उर्फ उषा देवी (54) और 18 वर्षीय बेटा राहुल भी नेपाल त्रासदी में लापता हैं।

पन्नालाल करीब 40 साल पहले रोजगार की तलाश में नेपाल गए थे। नुवाकोट के त्रिशूली बाजार में उन्होंने कपड़े का कारोबार शुरू किया और धीरे-धीरे परिवार भी वहीं बस गया। राहुल पढ़ाई के साथ पिता की दुकान में हाथ बंटाता था।

पन्नालाल के लिए बृहस्पतिवार की सुबह दर्दनाक बन गई। सुबह करीब छह बजे बेटे राहुल ने रोज की तरह पिता के लिए चाय बनाई और पिलाई। इसके बाद पन्नालाल व्यायाम के लिए बटार की ओर निकल गए। घर और दुकान पर उस समय पत्नी और बेटा मौजूद थे। उन्हें नहीं पता था कि बेटे के हाथ की यह चाय आखिरी मुलाकात बन जाएगी।

पन्नालाल की दो बेटियां हैं। पहली बेटी शिवानी (24) चौरसिया वाराणसी में रहती हैं और शादीशुदा हैं। दूसरी बेटी 28 वर्षीय दीक्षा चौरसिया रसड़ा में कॉस्मेटिक की दुकान चलाती हैं। उनका विवाह समीर से हुआ है।

पत्नी और बेटे के सैलाब में बहने की सूचना मिलने के बाद दोनों बेटियों समेत पूरा परिवार सदमे में है। रसड़ा में रहने वाली दीक्षा को उम्मीद है कि राहत और बचाव कार्य के दौरान मां और भाई का कोई सुराग मिलेगा।

भाषा सं आनन्द राजकुमार

राजकुमार


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