बरेली (उप्र), 24 सितंबर (भाषा) बरेली के कैंट थानाक्षेत्र में पुलिस ने सेना अग्निवीर भर्ती में अभ्यर्थियों को शारीरिक माप-तौल और मेडिकल में पास कराने का झांसा देकर रुपये ऐंठने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर उसके पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से छह मोबाइल फोन, 9,100 रुपये नकद, एक मोटरसाइकिल, एक स्कूटी, कूटरचित दस्तावेज और फर्जी आधार कार्ड बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक (नगर) मानुष पारीक ने बृहस्पतिवार को बताया कि यह कारवाई बुधवार को जाट रेजीमेंट सेंटर के हरमजन गेट के पास की गई तथा गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रदीप कुमार शर्मा, विशाल यादव, राजवीर उर्फ कैलाश, धर्मेंद्र सिंह और नूर अहमद के रूप में हुई है।
पारीक के अनुसार गिरोह का एक सदस्य आसिफ फरार है।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ से पता चला है कि कि प्रदीप कुमार शर्मा चौबारी में ‘दीक्षित डिफेंस एकेडमी’ के नाम से ‘फिजिकल कोचिंग’ चलाता है। वह अनफिट होने की आशंका वाले अभ्यर्थियों को अपने जाल में फंसाता था।
पुलिस के अनुसार विशाल यादव पूर्व में लखनऊ सेंटर में मेडिकल कोर में सफाईकर्मी रह चुका है, इसी अनुभव का फायदा उठाकर अभ्यर्थियों को अपने विश्वास में लेता था।
पुलिस के मुताबिक नूर अहमद खुद को सैन्य अस्पताल का ‘कारपेंटर’ बताकर बड़े अधिकारियों से पहचान होने का दावा करता था।
पुलिस का कहना है कि गिरोह का सदस्य आसिफ अभ्यर्थियों के सामने खुद को सेना का बड़ा अधिकारी बताकर पेश करता था, फलस्वरूप अभ्यर्थी उसके झांसे में आ जाते थे। अभ्यर्थियों के चयन के बाद गिरोह के सदस्य रुपये आपस में बांट लेते थे।
पुलिस के अनुसार आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में व्हाट्सऐप चैट, मेडिकल अनफिट प्रमाण पत्र, एडमिट कार्ड के स्क्रीनशॉट और ऑनलाइन लेनदेन से जुड़े साक्ष्य मिले हैं। एक स्कूटी की डिग्गी से अलग-अलग नाम और जन्मतिथि वाले आधार कार्ड की प्रतियां, भर्ती कार्यक्रम की प्रतियां और मेडिकल संबंधी दस्तावेज भी बरामद हुए।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच की जा रही है।
भाषा सं राजेंद्र
राजकुमार
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