पर्यटक पीलीभीत बाघ अभयारण्य में अब आठ महीने घूम सकेंगे, सप्ताहांत में प्रवेश शुल्क महंगा होगा

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पर्यटक पीलीभीत बाघ अभयारण्य में अब आठ महीने घूम सकेंगे, सप्ताहांत में प्रवेश शुल्क महंगा होगा

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  • Publish Date - September 20, 2026 / 03:11 PM IST,
    Updated On - September 20, 2026 / 03:11 PM IST

बरेली, 20 सितंबर (भाषा) पीलीभीत बाघ अभयारण्य (पीटीआर) में जंगल की हरियाली, वन्यजीवों और ‘चूका बीच’ के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के इच्छुक पर्यटक अब करीब आठ महीने तक वहां घूम-फिर सकेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि शासन ने पीटीआर में पर्यटन सत्र की अवधि बढ़ाकर एक नवंबर से 30 जून तक कर दी है। हालांकि, उन्होंने बताया कि शनिवार और रविवार को प्रवेश शुल्क हफ्ते के बाकी दिनों के मुकाबले अधिक होगा।

बरेली के मुख्य वन संरक्षक पीपी सिंह ने पीटीआर के दौरे के बाद बताया कि पहले पर्यटन सत्र आम तौर पर 15 नवंबर से 15 जून तक संचालित होता था और वर्ष 2024-25 में पर्यटन सत्र छह नवंबर से शुरू हुआ था।

उन्होंने बताया कि सोमवार से शुक्रवार तक जो प्रवेश शुल्क होगा, उससे कुछ अधिक शुल्क शनिवार और रविवार को लिया जाएगा।

सिंह के मुताबिक, एक नवंबर से पीटीआर खोलने का शासनादेश जारी होने के बाद प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। उन्होंने बताया कि निर्धारित अवधि के लिए पर्यटक सुविधाओं, सफारी मार्गों और अन्य पर्यटन स्थलों को दुरुस्त किया जा रहा है।

मानसून के बाद पीटीआर के चूका क्षेत्र में पर्यटकों की चहल-पहल फिर शुरू होने लगी है। चूका बीच पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। यहां ‘हट’, रेस्तरां और साज-सज्जा का काम कराया जा रहा है। शुक्रवार को मुख्य वन संरक्षक एवं फील्ड निदेशक पीपी सिंह ने चूका पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को समय से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।

सिंह ने बताया कि चूका में ‘वाटर हट’ और ‘अरण्य कुटीर’ की मरम्मत और रंग-रोगन का काम पीटीआर प्रशासन करा रहा है, जबकि ‘थारू हट’ और ‘ट्री टॉप हट’ को नया रूप देने की जिम्मेदारी वन निगम को दी गई है। उन्होंने बताया कि ‘चूका बीच’ और सफारी मार्गों को भी दुरुस्त किया जा रहा है।

मुख्य वन संरक्षक ने डीएफओ भरत कुमार के साथ ‘चूका बीच’ का भ्रमण किया। अधिकारियों ने बताया कि पर्यटन सत्र शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी।

निरीक्षण के दौरान उप प्रभागीय वनाधिकारी रुद्र प्रताप सिंह और महोफ रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी सहेंद्र यादव समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

भाषा

सं आनन्द रंजन पारुल

पारुल