उत्तर प्रदेश के जौनपुर में पांच सरकारी स्कूल कागजों पर संचालित, जमीन पर मौजूद नहीं: संजय सिंह

उत्तर प्रदेश के जौनपुर में पांच सरकारी स्कूल कागजों पर संचालित, जमीन पर मौजूद नहीं: संजय सिंह

उत्तर प्रदेश के जौनपुर में पांच सरकारी स्कूल कागजों पर संचालित, जमीन पर मौजूद नहीं: संजय सिंह
Modified Date: August 23, 2026 / 11:12 pm IST
Published Date: August 23, 2026 11:12 pm IST

लखनऊ, 23 अगस्त (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने रविवार को दावा किया कि जौनपुर जिले के पांच सरकारी प्राथमिक विद्यालय ‘यू-डाइस पोर्टल’ पर संचालित दिखाए गए हैं, जबकि जमीन पर उनका कोई अस्तित्व नहीं है।

लखनऊ में पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में सिंह ने कहा, ‘‘जौनपुर जिले में पांच ऐसे प्राथमिक विद्यालय हैं जो जमीन पर मौजूद नहीं हैं, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड (यू-डाइस) में संचालित दिखाए गए हैं।’’

आप सांसद ने चुनौती देते हुए कहा कि जो कोई भी इन पांच विद्यालयों में से किसी एक का भी पता लगा लेगा, उसे वह अपने वेतन से एक लाख रुपये का नकद इनाम देंगे।

नगर शिक्षा अधिकारी के पत्र का हवाला देते हुए उन्होंने इन पांच विद्यालयों के नाम बताए। इनमें प्राइमरी स्कूल ढालगर टोला, प्राइमरी स्कूल मिसिरपुर गर्ल्स, कंपोजिट स्कूल गदन अर्जनी, प्राइमरी स्कूल उर्दू बाजार और प्राइमरी स्कूल बाग हाशिम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये विद्यालय सरकारी पोर्टल पर तो दर्ज हैं, लेकिन वास्तविक स्थान पर मौजूद नहीं हैं।

सिंह ने आरोप लगाया, ‘‘योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल में चंदे, जमीन और चीनी की चोरी के बाद अब ‘स्कूल चोरी’ का नया मॉडल सामने आया है। ये स्कूल यू-डाइस पोर्टल पर तो चल रहे दिखाए गए हैं, लेकिन वहां न शिक्षक हैं, न बच्चे और न ही इमारत।’’

‘यू-डाइस’ की वेबसाइट के अनुसार, ‘यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस’ (यू-डाइस प्लस) भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के तहत स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग का एक शैक्षिक प्रबंधन सूचना तंत्र है।

यह एक केंद्रीय मंच के रूप में काम करता है, जो स्कूलों को अपने बुनियादी ढांचे, सुविधाओं, छात्रों और शिक्षकों से जुड़ा डेटा दर्ज करने में मदद करता है। दर्ज डेटा का ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर सत्यापन किया जाता है।

आप की युवा इकाई के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष पंकज सिंह का जिक्र करते हुए संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने नोएडा में एक स्कूल की जर्जर हालत पर वीडियो बनाया था, लेकिन स्कूल को बेहतर बनाने के बजाय उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई।

सिंह ने हरदोई में आप कार्यकर्ता फिरोज सिद्दीकी का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि उन्होंने इलाके के एक स्कूल और सड़कों की खराब हालत पर वीडियो बनाकर मरम्मत की मांग की थी, लेकिन जिला प्रशासन ने कार्रवाई करने के बजाय उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।

सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार जनहित के मुद्दे उठाने वालों को डराने के लिए प्राथमिकी का इस्तेमाल कर रही है और कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश में तानाशाही नहीं चलेगी।’’

आप सांसद ने कहा कि वह जौनपुर समेत तीन जिलों से जुड़े मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन देंगे और यदि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई तो अदालत जाएंगे।

भाषा आनन्द आशीष

आशीष


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