उप्र : जौनपुर में 22 साल पुराने हत्या मामले में चार भाइयों को उम्रकैद

उप्र : जौनपुर में 22 साल पुराने हत्या मामले में चार भाइयों को उम्रकैद

उप्र : जौनपुर में 22 साल पुराने हत्या मामले में चार भाइयों को उम्रकैद
Modified Date: August 27, 2026 / 12:55 am IST
Published Date: August 27, 2026 12:55 am IST

जौनपुर, 26 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश में जौनपुर की एक अदालत ने 22 साल पुराने हत्या के मामले में सांसद बाबू सिंह कुशवाहा के मौजूदा प्रतिनिधि मनोज मौर्य समेत चार भाइयों को उम्रकैद और 80-80 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

हालांकि, वर्तमान में कुशवाहा के प्रतिनिधि मनोज मौर्य वर्ष 2004 में हुई हत्या की घटना के समय राजनीति में नहीं थे और न ही उनका बाबू सिंह कुशवाहा से कोई जुड़ाव था।

शासकीय अधिवक्ताओं ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल यादव की अदालत ने मामले में चारों आरोपियों को दोषी ठहराया और फैसला सुनाए जाने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजने का आदेश दिया।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक, मामला 16 अगस्त 2004 का है। उस दिन लाइन बाजार थाना क्षेत्र के मियांपुर मोहल्ले में कचहरी तिराहे के पास जमीन विवाद को लेकर आशीष मौर्य नामक व्यक्ति की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

इस मामले में लाइन बाजार थाने में सात लोगों के खिलाफ हत्या सहित कई गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, नामजद सात आरोपियों में राम सेवक मौर्य, अश्वनी मौर्य, पवन मौर्य और मनोज मौर्य भी शामिल थे। अदालत ने दो अन्य आरोपियों को बरी कर दिया, जबकि एक अन्य आरोपी की सुनवाई के दौरान मौत हो गई।

अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद राम सेवक मौर्य, अश्वनी मौर्य, पवन मौर्य और मनोज मौर्य को हत्या का दोषी पाया और चारों को उम्रकैद तथा 80-80 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

भाषा

सं, सलीम रवि कांत


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