Gorakhpur Watermelon News : गर्मी का सबसे पसंदीदा फल न गया है विलेन? छत्तीसगढ़ के बाद अब यूपी में तरबूज खाते ही एक साथ 11 लोग पहुंचे अस्पताल , उड़े डॉक्टरों के होश

गोरखपुर के मलाव गांव में मैगी खाने के बाद तरबूज का सेवन करने से एक ही परिवार के 11 लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उल्टी, दस्त और सांस लेने में तकलीफ के बाद सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने शुरुआती तौर पर फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है।

Gorakhpur Watermelon News  :  गर्मी का सबसे पसंदीदा फल न गया है विलेन? छत्तीसगढ़ के बाद अब यूपी में तरबूज खाते ही एक साथ 11 लोग पहुंचे अस्पताल , उड़े डॉक्टरों के होश

Gorakhpur Watermelon News / Image Source ; pexel

Modified Date: May 15, 2026 / 08:27 am IST
Published Date: May 15, 2026 8:27 am IST
HIGHLIGHTS
  • गोरखपुर के मलाव गांव में एक ही परिवार के 11 सदस्य अचानक बीमार पड़ गए।
  • मैगी खाने के कुछ देर बाद तरबूज खाने के बाद उल्टी, दस्त और सांस लेने में दिक्कत शुरू हुई।
  • डॉक्टरों ने शुरुआती जांच में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है।

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के बेलीपार थाना क्षेत्र के मलाव गांव में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँमैगी खाने के बाद तरबूज का सेवन करने से एक ही परिवार के 11 सदस्यों की तबीयत अचानक खराब हो गई। सभी पीड़ितों को उल्टी, दस्त के साथ-साथ सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में जिला अस्पताल रेफर किया गया। फिलहाल डॉक्टरों की टीम मरीजों की निगरानी कर रही है।

मैगी खाने के बाद तरबूज़ का सेवन

मिली जानकारी के अनुसार, परिवार के सदस्यों ने पहले मैगी खाई और उसके कुछ देर बाद तरबूज का सेवन किया। इसके तुरंत बाद ही सबकी हालत बिगड़ने लगी। परिजनों ने बताया कि सबसे ज्यादा दिक्कत सांस लेने में हो रही थी, जिससे परिवार में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार के बाद जब सुधार नहीं हुआ, तो गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती इन मरीजों की संख्या को लेकर परिजनों का कहना है कि 11 लोग बीमार हुए हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग 9 लोगों के इलाज की बात कह रहा है।

सभी मरीजों का इलाज जारी

जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. आरपी गौतम और सीएमएस डॉ. वीके सुमन ने पुष्टि की है कि सभी मरीजों का इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति अब खतरे से बाहर है। गोरखपुर सीएमओ डॉ. राजेश झा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती तौर पर यह मामला फूड पॉइजनिंग का लग रहा है। मैगी और तरबूज के इस घातक मेल ने शरीर पर बुरा असर डाला, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।

छत्तीसगढ़ से भी सामने आ चुके है ऐसे मामले

आपको बता दें कि तरबूज खाने के बाद तबीयत बिगड़ने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी छत्तीसगढ़ से ऐसा मामला सामने आया था, जहां तरबूज और चिकन खाने के बाद 5 बच्चे बीमार हो गए थे। इनमें से 15 वर्षीय एक बच्चे की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी, जबकि अन्य 4 बच्चों का उपचार जारी था।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism And Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..