पार्षद के शपथ ग्रहण में देरी पर उच्च न्यायालय ने महापौर, नगर आयुक्त, जिलाधिकारी को तलब किया

पार्षद के शपथ ग्रहण में देरी पर उच्च न्यायालय ने महापौर, नगर आयुक्त, जिलाधिकारी को तलब किया

पार्षद के शपथ ग्रहण में देरी पर उच्च न्यायालय ने महापौर, नगर आयुक्त, जिलाधिकारी को तलब किया
Modified Date: May 13, 2026 / 12:16 am IST
Published Date: May 13, 2026 12:16 am IST

लखनऊ, 12 मई (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने चुनाव न्यायाधिकरण द्वारा विजयी घोषित पार्षद के शपथ ग्रहण में देरी के मामले में लखनऊ के महापौर, नगर आयुक्त और जिलाधिकारी को बुधवार को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की पीठ ने सोमवार को ललित किशोर तिवारी द्वारा दायर याचिका पर यह आदेश पारित किया। तिवारी को राजधानी के फैजुल्लागंज के वार्ड संख्या 73 से निर्वाचित घोषित किया गया था।

तिवारी उच्च न्यायालय के अवध बार एसोसिएशन के महासचिव भी हैं।

प्रदीप कुमार शुक्ला ने भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, जबकि ललित तिवारी समाजवादी पार्टी के टिकट पर मैदान में थे। शुक्ला को 4,972 वोट मिले थे, जबकि तिवारी को 3,298 मत प्राप्त हुए थे।

हालांकि, चुनाव न्यायाधिकरण ने पाया कि शुक्ला ने अपने नामांकन पत्र में अनिवार्य जानकारी नहीं दी थी, जो चुनावी कदाचार की श्रेणी में आता है। इसके आधार पर न्यायाधिकरण ने उनके चुनाव को अमान्य घोषित कर दिया।

अदालत ने कहा कि चुनाव न्यायाधिकरण द्वारा 19 दिसंबर, 2025 को तिवारी को निर्वाचित घोषित किए जाने के बावजूद, पांच महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें शपथ नहीं दिलाई गई।

पीठ ने कहा कि यदि बुधवार तक शपथ नहीं दिलाई जाती है, तो महापौर, नगर आयुक्त और जिलाधिकारी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर देरी का कारण बताना होगा।

भाषा सं आनन्द खारी

खारी


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