मैंने बिना किसी दबाव के इस्लाम अपनाया : शामली में हिंदू से मुसलमान बने युवक का दावा
मैंने बिना किसी दबाव के इस्लाम अपनाया : शामली में हिंदू से मुसलमान बने युवक का दावा
मुजफ्फरनगर (उप्र), नौ जून (भाषा) शामली में हिंदू से मुसलमान बने एक युवक ने दावा किया है कि मैंने बिना किसी दबाव के इस्लाम अपनाया है और मैं हिंदू धर्म में वापसी नहीं करूंगा। इस बीच पुलिस प्रशासन ने शामली में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
शामली में सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए आयुष मलिक उर्फ़ मोहम्मद अली ने कहा, “मैं मुसलमान हूं और हिंदू धर्म में वापस नहीं आऊंगा।” उसने दावा किया कि उसे सामाजिक दबाव का सामना करना पड़ रहा था और आरोप लगाया कि उसके पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत बाहरी दबाव में की गई थी।
अधिकारियों ने बताया कि यह घटनाक्रम शामली पुलिस द्वारा गैर-कानूनी तरीके से धर्म परिवर्तन के आरोपों के सिलसिले में एक महिला और उसके पिता को गिरफ्तार किए जाने के एक दिन बाद सामने आया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस मामले में एक मौलवी समेत नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चांदनी कुरैशी और उसके पिता इस्लाम कुरैशी के तौर पर हुई है।
यह मामला दवा व्यापारी देवराज मलिक की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिन्होंने आरोप लगाया था कि उनके बेटे आयुष का कई साल पहले चांदनी से शादी के बहाने इस्लाम में धर्म परिवर्तन कराया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आयुष को दिल्ली ले जाया गया, जहां फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके शादी की रस्म पूरी की गई।
आयुष मलिक ने दावा किया कि उसने कई साल पहले इस्लाम अपना लिया था, लेकिन अपनी बहनों की शादी के कारण पहले इसका खुलासा नहीं किया था। उसने कहा कि उसे धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर नहीं किया गया था और वह अभी शामली में अपने माता-पिता से अलग रह रहा है।
इस बीच, विवाद के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। शामली नगर के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) जितेंद्र सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एहतियात के तौर पर संवेदनशील जगहों पर, खासकर हनुमान रोड के आसपास जहां आयुष रह रहा है, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
उन्होंने बताया कि आयुष की दुकान पर भी दो पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। सीओ ने कहा कि उनकी देखरेख में एक एसआईटी का गठन किया गया है और जांच शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस टीमें बाकी आरोपियों की तलाश कर रही हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें जबरन वसूली, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक धमकी से संबंधित मामले शामिल हैं। साथ ही उत्तर प्रदेश विधि विरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है।
शामली के पुलिस अधीक्षक नरेन्द्र प्रताप सिंह ने पहले कहा था कि बाकी आरोपियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही हैं। इस बीच, सोशल मीडिया पर भी यह मामला चर्चा का विषय बन गया है और इसके सामने आने के बाद इस पर बातचीत बढ़ गई है। स्वामी यशवीर महाराज समेत कुछ हिंदू कार्यकर्ताओं ने सख्त कार्रवाई की मांग की है और कथित अवैध धर्मांतरण के खिलाफ आंदोलन शुरू करने की योजना की घोषणा की है।
भाषा सं आनन्द प्रशांत
प्रशांत

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