खतरे के समय अंतत: हिंसा ही अपनानी पड़ती है, यह काम बखूबी करती है भारतीय सेना : योगी

खतरे के समय अंतत: हिंसा ही अपनानी पड़ती है, यह काम बखूबी करती है भारतीय सेना : योगी

खतरे के समय अंतत: हिंसा ही अपनानी पड़ती है, यह काम बखूबी करती है भारतीय सेना : योगी
Modified Date: May 30, 2026 / 04:12 pm IST
Published Date: May 30, 2026 4:12 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

लखनऊ, 30 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि सामान्य जीवन में अहिंसा ही सर्वोच्च धर्म होना चाहिये लेकिन देश और समाज की सुरक्षा के लिये खतरे के सामने अंतत: हिंसा ही अपनानी पड़ती है और भारतीय सेना यह काम पूरी मजबूती से करती है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ यहां ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का लोकार्पण करने के बाद अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जब सुरक्षा के मोर्चे पर आप मजबूत होंगे तो दुनिया भी आपसे मैत्री करेगी लेकिन आप अगर कमजोर हैं तो याद रख लीजिए कि कमजोर के सामने कोई नहीं झुकता है। हमारी ऋषि परंपरा ने भी हमें ऐसी बात की प्रेरणा दी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत की ऋषि परंपरा हमें इस बात की प्रेरणा देती है कि ‘अहिंसा परमो धर्म:, धर्म हिंसा तदैव च।’ यानी सामान्य जीवन में अहिंसा ही सर्वोच्च धर्म होना चाहिए लेकिन अगर सामने वाला देश और समाज की सुरक्षा के लिए खतरा है तो उसके लिए अहिंसा नहीं चल सकती है। उसके लिए तो हिंसा ही हमें अंततः अपनानी पड़ेगी और देश के दुश्मन के लिए यही हमारा धर्म भी है। यही काम भारतीय सेना पूरी मजबूती के साथ करती है।’’

आदित्यनाथ ने नौसेना वाटिका का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य के युवाओं को नौसेना के इस संग्रहालय के माध्यम से उसके शौर्य को एक नई सोच के साथ देखने, सुनने और जानने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि आज नौसेना शौर्य वाटिका के पहले चरण के काम का लोकार्पण किया जा रहा है, इसके आगे के कार्य भी और आगे बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि भारतीय सेना के जो टैंक आज कार्य कर पाने की स्थिति में नहीं हैं, उन्हें महत्वपूर्ण चौराहों पर रखा जाना चाहिए। वह सेना के शौर्य का प्रतीक बनेगा। इससे युवा के मन में भारतीय सेना में जाने के लिए एक भाव पैदा होगा। राष्ट्रभक्ति से बढ़कर कुछ भी नहीं हो सकता है।’’

इससे पहले, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘नौसेना शौर्य वाटिका’ का उद्घाटन किया।

अधिकारियों के मुताबिक यह शौर्य वाटिका भारतीय नौसेना की बहादुरी, शौर्य और तकनीकी उत्कृष्टता को समर्पित है। लखनऊ के इकाना स्टेडियम के पास विकसित की गयी इस वाटिका में भारतीय युद्धपोत आईएनएस गोमती के साथ-साथ नौसेना से जुड़ी कई चीजों का प्रदर्शन किया जा रहा है।

भाषा सलीम राजकुमार

राजकुमार


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