‘जीरो पॉवर्टी’ अभियान के तहत सभी पात्र परिवारों को अंत्योदय कार्ड जारी करें : योगी
'जीरो पॉवर्टी' अभियान के तहत सभी पात्र परिवारों को अंत्योदय कार्ड जारी करें : योगी
लखनऊ, 20 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राज्य के ‘जीरो पॉवर्टी’ अभियान के तहत चिह्नित सभी पात्र परिवारों को अंत्योदय कार्ड जारी करके उन्हें चरणबद्ध तरीके से सभी लागू सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने ‘स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन’ की छठी बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश भर में प्रमुख बुनियादी ढांचे, औद्योगिक विकास, निवेश, जन कल्याण और सेवा वितरण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक योगी आदित्यनाथ ने ‘जीरो पॉवर्टी’ अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और आयोग को पात्र लाभार्थियों को सभी सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ दिलाने के लिए अंत्योदय कार्ड तैयार करने के लिए एक समर्पित टीम गठित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि हर पात्र परिवार को बिना किसी भेदभाव के सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए।
बयान के मुताबिक अधिकारियों ने बैठक में बताया कि ‘जीरो पॉवर्टी’ अभियान के तहत लगभग 12.5 लाख परिवारों का सर्वेक्षण किया गया है जिनमें से लगभग नौ लाख परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र पाए गए हैं, जबकि लगभग पांच लाख परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत शामिल करने का प्रस्ताव है।
अधिकारियों के मुताबिक समीक्षा में यह भी जानकारी मिली कि लगभग 6.67 लाख परिवारों के पास आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड नहीं हैं। इनमें से लगभग पांच लाख लोगों का पंजीकरण पहले ही ‘भवन और अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड’ के साथ हो चुका है, जबकि शेष पात्र परिवारों का पंजीकरण कार्य किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने चिह्नित 10.6 लाख परिवारों के कम से कम एक सदस्य को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है।
मुख्यमंत्री ने प्रमुख एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। इस दौरान उन्हें सूचित किया गया कि फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 88.45 प्रतिशत, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 72.71 प्रतिशत, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 63 प्रतिशत और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 59.35 प्रतिशत भूमि उपलब्ध करा दी गई है।
योगी आदित्यनाथ ने प्रस्तावित मेरठ-हरिद्वार, विंध्य-पूर्वांचल और नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे की भी समीक्षा की और संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे 31 जुलाई तक सभी परियोजनाओं के लिए जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने लखनऊ नाइट सफारी परियोजना की भी समीक्षा की और उन्हें बताया गया कि उच्चतम न्यायालय ने 15 जुलाई को इसे लागू करने की मंज़ूरी दे दी है।
भाषा सलीम धीरज
धीरज

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