राष्ट्रपति पद का राजनीतिकरण करना ठीक नहीं : मायावती

राष्ट्रपति पद का राजनीतिकरण करना ठीक नहीं : मायावती

राष्ट्रपति पद का राजनीतिकरण करना ठीक नहीं :  मायावती
Modified Date: March 8, 2026 / 11:15 am IST
Published Date: March 8, 2026 11:15 am IST

लखनऊ, आठ मार्च (भाषा) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल संबंधी राजनीतिक विवाद को ‘‘अति दुर्भाग्यपूर्ण’’ बताते हुए रविवार को कहा कि सभी को भारतीय संविधान की मान-मर्यादा के मुताबिक राष्ट्रपति पद का सम्मान करना चाहिए और इस ओहदे का किसी भी रूप में राजनीतिकरण करना ठीक नहीं है।

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘सभी को संविधान के आदर्शों और गरिमा के अनुरूप राष्ट्रपति पद का सम्मान करना चाहिए और किसी भी प्रकार से संवैधानिक पदों का राजनीतिकरण करने से बचना चाहिए।’’

राष्ट्रपति मुर्मू ने शनिवार को बागडोगरा हवाई अड्डे के पास आयोजित आदिवासी समुदाय के कार्यक्रम में कम उपस्थिति पर असंतोष व्यक्त किया था और कार्यक्रम स्थल को बिधाननगर से स्थानांतरित करने के निर्णय पर सवाल उठाया था। उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके मंत्रियों की अनुपस्थिति का भी जिक्र किया था।

मायावती ने पश्चिम बंगाल की घटना की निंदा करते हुए कहा कि वर्तमान में देश की राष्ट्रपति एक महिला होने के साथ-साथ आदिवासी समाज से भी हैं, लेकिन अभी हाल में पश्चिम बंगाल में उनके दौरे में जो कुछ भी हुआ, वह नहीं होना चाहिये था।

उन्होंने कहा कि यह घटना ‘‘अति-दुर्भाग्यपूर्ण है।’’

मायावती ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लेकर जारी राजनीतिक घटनाक्रम पर भी चिंता जाहिर करते हुए कहा, ‘‘इसी प्रकार, पिछले कुछ समय से संसद में भी खासकर लोकसभा अध्यक्ष के पद का जो राजनीतिकरण कर दिया गया है, वह भी उचित नहीं है। सभी को संवैधानिक पदों का दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आदर-सम्मान करना चाहिए एवं उनकी गरिमा का ध्यान रखना चाहिये।’’

मायावती ने आशा व्यक्त की कि सोमवार से शुरू होने वाला संसद का आगामी सत्र देश और जनता के हित में सुचारू रूप से चलेगा।

भाषा सलीम सिम्मी

सिम्मी


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