लखनऊ, 11 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद व विदेश यात्राएं टालने की अपील किए जाने के एक दिन बाद सोमवार को लखनऊ के आशियाना इलाके में करीब 250 आभूषण विक्रेताओं ने सांकेतिक धरना दिया।
‘ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ एसोसिएशन’ की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रमुख मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के बयान से सोने के कारोबार और इससे जुड़े करोड़ों श्रमिकों पर आर्थिक संकट आ सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल ‘‘सांकेतिक धरना’’ था।
लखनऊ महानगर सर्राफा एसोसिएशन के अध्यक्ष माणिक कुमार वर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने राहत के उपाय नहीं किए, तो व्यापारी अपनी दुकानों की चाबियां केंद्र सरकार को सौंपने के लिए मजबूर होंगे।
‘नोएडा ज्वेलर्स वेलफेयर एसोसिएशन’ के महासचिव सुशील कुमार जैन ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय हित सर्वोपरि है, लेकिन आर्थिक गतिविधियां पूरे साल ठप नहीं की जा सकतीं।’’
उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार आभूषण विक्रेताओं के सहयोग से प्रभावी स्वर्ण मुद्रीकरण योजना लागू करे और ‘एक राष्ट्र, एक कर’ के तहत केवल जीएसटी व्यवस्था रखी जाए। उनका कहना था कि इससे राजस्व बढ़ेगा और विदेशी वस्तुओं पर निर्भरता कम होगी।
इस बीच, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘यह कैसा अमृतकाल है, जिसमें ‘सोने की चिड़िया’ डर के साए में जी रही है?’’
यादव ने कहा, ‘‘सर्राफा बाजार से जुड़े करोड़ों कारीगरों, सुनारों और व्यापारियों के सामने अब यह सवाल है कि क्या वे एक साल तक अपनी रोजमर्रा की जरूरतें टाल देंगे या सरकार उनके परिवारों का भरण-पोषण करेगी। बिना परिवार वाले लोग क्या जानें कि घर कैसे चलता है।’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘देश की आजादी के इतिहास में इतनी कमजोर सरकार कभी नहीं रही। भाजपा के भ्रष्टाचार ने अर्थव्यवस्था को खोखला कर दिया है और लोगों की जिंदगी तबाह कर दी है।’’
सपा प्रमुख ने कहा कि अब देशभर के व्यापारी समुदाय को भी समझ में आ गया है कि ‘‘भाजपा किसी की सगी नहीं है।’’
वहीं, लखनऊ चौक सर्राफा एसोसिएशन के उपाध्यक्ष आदिश जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह केवल अपील है, इसे लेकर कोई आधिकारिक परिपत्र या दिशानिर्देश जारी नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि बाजार खुले हैं और कारोबार सामान्य रूप से जारी है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित सर्वोपरि है और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए प्रधानमंत्री की अपील दूरदर्शिता को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को हैदराबाद में भाजपा की एक रैली को संबोधित करते हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव को कम करने के लिए ईंधन का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करने, सोने की खरीद और विदेश यात्राएं कम करने की अपील की थी।
भाषा अरुणव आनन्द खारी
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